एमबीपीजी कॉलेज स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन: भाबर के कॉलेज का चुनाव, सेंधमारी तराई से पहाड़ तक
एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी में छात्र संघ चुनाव का दायरा कुमाऊं के सीमांत क्षेत्रों तक फैला है, क्योंकि यहां 14 हजार ...और पढ़ें

हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज में चुनाव प्रचार करते छात्र छात्राएं। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। प्रदेश का सबसे बड़े महाविद्यालय एमबीपीजी कॉलेज में कुमाऊं भर के छात्र-छात्राएं प्रवेश लेते हैं। यह कॉलेज भाबर क्षेत्र में स्थापित है, लेकिन इसका दायरा तराई से लेकर पहाड़ तक फैला हुआ है।
ऐसे में यहां का छात्र संघ चुनाव स्थानीय स्तर तक ही सीमित नहीं रहता है। बल्कि, प्रत्याशियों को सीमांत तक के विद्यार्थियों को साधना पड़ता है। इस कारण यहां के छात्र नेताओं को अन्य कॉलेजों की तुलना में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
यह भी पढ़ें- छात्र संघ चुनावः कुमाऊं विश्वविद्यालय में आरक्षण पर बवाल, एमबीपीजी कॉलेज में छात्रों का प्रदर्शन व धरना जारी
दरअसल, एमबीपीजी कॉलेज में 14 हजार से अधिक विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। जिसमें 3000 से अधिक छात्र-छात्राएं हल्द्वानी ब्लाक से इतर क्षेत्रों के होते हैं। इसमें सर्वाधिक करीब 1500 छात्र संख्या सिर्फ भीमताल विधानसभा क्षेत्र से ही रहती है। जबकि, 500 से अधिक विद्यार्थी ऊधमसिंह नगर जिले के अलग-अलग इलाकों से यहां प्रवेश लेते हैं।
लगभग 400 चंपावत और 300 से ज्यादा पिथौरागढ़ जिले से यहां पढ़ने आते हैं। इसके अलावा 200 से ज्यादा संख्या अल्मोड़ा जिले से यहां दाखिले लेते हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या छात्राओं की होती है। ऐसे छात्र नेता इन वोटरों को साधने पर ज्यादा फोकस करते हैं।
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में छात्र संघ चुनाव में छात्राओं को मिलेगा 50% आरक्षण, शासनादेश जारी
एमबीपीजी विषयों के कई विकल्प होना है कारण
कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में कॉलेज खोले तो गए हैं, लेकिन अधिकांश में स्नातक विषय ही हैं। इनमें भी ज्यादातर कॉलेजों में कला संकाय ही है। स्नातकोत्तर विषय भी सीमित महाविद्यालयों में है। जबकि, एमबीपीजी कॉलेज में स्नातक और स्नातकोत्तर में लगभग सभी विषय संचालित हैं। इसलिए दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी यहां प्रवेश लेने आते हैं।
