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ज्योलीकोट में जल जनित रोगों के फैलने में लापरवाही पर धामी सरकार की सबसे बड़ी कार्रवाई, ये अधिकारी हुए निलंबित

Published: Mon, 21 Sep 2026 05:55 PM (IST)

ज्योलीकोट में दूषित पेयजल से जल जनित रोगों के फैलने और एक छात्र व एक विवाहिता की मौत के मामले ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, नैनीताल। जिला मुख्यालय से करीब 18 किलाेमीटर दूर ज्योलीकोट व आसपास के इलाकों में दूषित पेयजल सप्लाई से जल जनित रोग फैलने से एक छात्र व एक विवाहिता की मौत तथा सैकड़ों ग्रामीणों के बीमार होने के मामले में बरती गई लापरवाही पर धामी सरकार ने जल संस्थान व पेयजल निगम के अधिकारियों पर अब तक का सबसे बड़ा चाबुक चलाया है।

जन स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मामले का संज्ञान नहीं लेने व लापरवाही बरतने पर शासन ने जिलाधिकारी की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए जल संस्थान के प्रभारी अधीक्षण अभियंता हल्द्वानी, नैनीताल जल संस्थान के सहायक अभियंता, अपर सहायक अभियंता तथा पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता, प्रभारी सहायक अभियंता तथा कनिष्ठ अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जबकि नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भविष्य में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। शासन व विभाग की इस कार्रवाई से पेयजल निगम में खलबली मची है।

राज्य बनने के बाद यह यह पहला मौका है, जब जन स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मामले में लापरवाही पर सरकार ने इतनी बड़ी कार्रवाई की है। दैनिक जागरण की ओर से इस मामले में अधिकारियों पर गाज गिरनी तय से संबंधित समाचार पूर्व में ही प्रकाशित किया गया था।

दरअसल ज्योलीकोट सहित आसपास ग्रामीण इलाकों में जून माह ग्रामीण दूषित पानी सप्लाई होने व इससे क्षेत्र में डायरिया, पीलिया व अन्य जल जनित रोग फैलने की शिकायत कर रहे थे।

जल संस्थान व पेयजल निगम की लापरवाही की वजह से सरकार व जिला प्रशासन को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। डीएम ललित मोहन रयाल ने इस मामले में बेहद सख्त कदम उठाते हुए सीडीओ अरविंद पाण्डे की की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया।

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कमेटी की रिपोर्ट शासन को भेजी गई। इस मामले का हाई कोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव को निगरानी करने के निर्देश दिए थे जबकि डीएम की ओर से कोर्ट में कहा गया था कि वह इस मामले में लापरवाही बरतने वाले जल संस्थान व पेयजल निगम के अधिकारियों की जवाबदेही तय करेंगे।

जल संस्थान मुख्य महाप्रबंधक की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार निलंबित प्रभारी अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार को हल्द्वानी जल संस्थान से, निलंबित सहायक अभियंता मोहन सिंह रावत व निलंबित अपर सहायक अभियंता रवींद्र को अधीक्षण अभियंता कार्यालय हल्द्वानी से संबद्ध किया गया है। नैनीताल के अधिशासी अभियंता अनीश पिल्लई को भी इस मामले में जिम्मेदार बताते हुए भविष्य में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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पेयजल निगम के भी अधिशासी अभियंता सहित तीन निलंबित

पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान की ओर से जारी आदेश के अनुसार उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम की निर्माण शाखा भीमताल के प्रभारी अधिशासी अभियंता शशिपाल सिंह, प्रभारी सहायक अभियंता संजय कुमार आर्या तथा कनिष्ठ अभियंता दीपांशु शर्मा को निलंबित करते हुए मुख्य अभियंता कुमाऊं कार्यालय तथा अधीक्षण अभियंता कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

इधर शासन की ओर से जल संस्थान मुख्य महाप्रबंधक की ओर से जारी आदेश के अनुसार जल संस्थान लालकुआं के अधिशासी अभियंता नंदकिशोर को अग्रिम आदेशों तक वर्तमान दायित्व के साथ ही अधीक्षण अभियंता हल्द्वानी बनाया गया है।

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