इलाहाबाद हाईकोर्ट से दोषमुक्त हुआ था कोली, नैनीताल हाईकोर्ट की अधिवक्ता मनीषा ने की थी केस में पैरवी
निठारी कांड के अभियुक्त सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर को अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, नैनीताल। उत्तर प्रदेश के नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड में अभियुक्त मनिंदर सिंह पंढेर व उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी सुरेंद्र कोली को अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया था।
ट्रायल अदालत ने कोली के साथ मनिंदर को फांसी की सजा सुनाई थी। जिसे अभियुक्तों ने याचिका दायर कर हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति एचएएच रिजवरी की खंडपीठ ने कई दिनों की बहस के बाद सुरक्षित रखे निर्णय को सुनाया गया।
कोली पर आरोप था कि वह पंढेर की कोठी का केयरटेकर था और लड़कियों को लालच देकर कोठी में लाता था। निठारी गांव की दर्जनों बेटियां गायब हो गई थी। वह उनके साथ दुष्कर्म कर हत्या कर देता था।
कोली नहीं कर सकता आत्महत्या: भंडारी
इलाहाबाद हाई कोर्ट में पंढेर का केस लड़ चुकी नैनीताल हाई कोर्ट की अधिवक्ता मनीषा भंडारी के अनुसार, पंढेर व कोली को 22 जुलाई 2017 तथा सात दिसंबर 2017 में सेशन कोर्ट से फांसी की सजा सुनाई गई थी।
अधिवक्ता भंडारी के अनुसार, पंढेर व कोली पर आधा दर्जन मुकदमे दर्ज थे। इसमें से तीन मामलों में फांसी की सजा सुनाई गई थी जबकि 2010 में एक मामले में गाजियाबाद कोर्ट से बरी हो गए थे। अब इलाहाबाद कोर्ट के निर्णय के बाद रिहाई हुई थी।
कोली की मौत से स्तब्ध मनीषा ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि वह आत्महत्या नहीं कर सकता। उसने 20 साल तक अपने मुकदमे का अकेले सामना किया। अधिवक्ता भंडारी के अनुसार इस मामले के आरोप पत्र में मनिंदर का नाम ही नहीं था।
