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जागरण मंच पर उठे स्वास्थ्य और भूमि संबंधी मुद्दों पर सरकार का गंभीर रुख

Published: Fri, 25 Sep 2026 10:36 PM (IST)

सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और संबंधित समस्याओं पर गंभीरता से काम करेगी। जागरण मंच पर उठे ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। पर्वतीय क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के दायरे को बढ़ाकर सरकार लोगों को राहत देगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डा. जेएस खुराना ने कहा कि पिछले कुछ सालों में मेडिकल कालेज के साथ ही सरकारी-निजी अस्पतालों की संख्या भी बढ़ी है।

पर्वतीय क्षेत्रों में 20-30 बेड के अस्पताल फायदेमंद साबित होंगे। पहले घर में नर्सिंग होम के संचालन से लोगों को आसपास ही सस्ता और सुगम इलाज मिल जाता था। लेकिन क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की वजह से संचालन में दिक्कत आ रही है।

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हल्द्वानी में 70 प्रतिशत हिस्सा नजूल लैंड से जुड़ा है। जिस वजह से यहां अलग दिक्कतें हैं। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का कहना थ कि कम बेड के अस्पतालों को लेकर ड्राफ्ट रिपोर्ट देने पर सरकार जनहित में कोई निर्णय जरूर लेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई अन्य सवालों के जवाब में भी उन्होंने खुलकर बात की।

प्रश्न: मानसिक स्वास्थ्य से जुड़़े विषय को शिक्षा से जोड़ने को लेकर सरकार की क्या योजना है? डा.रश्मि पंत

उत्तर: बच्चों के तनाव से दूर रहने पर वह नशे की गिरफ्त में नहीं आएंगे। पारिवारिक माहौल औैर संस्कारों की भी अहम भूमिका है। मानसिक स्वास्थ्य संग योग और आयुर्वेद विषय को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने की योजना है। काउंसलर की नियुक्ति को लेकर भी सरकार गंभीर है।

प्रश्न: गौलापार में 50 हजार की आबादी से जुड़े दौलतपुर अस्पताल का उच्चकीकरण कब होगा? प्रताप रैक्वाल

उत्तर: उच्चीकरण का अधिकार मुख्यमंत्री के पास है। मैं माध्यम बनने को तैयार हूं। सीएम को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

प्रश्न: हल्द्वानी के कई अस्पताल आयुष्मान स्वीकार नहीं करते। पुराने आधार के सत्यापन में दिक्कत आती है? प्रदीप बिष्ट

उत्तर: आयुष्मान एक महत्वकांक्षी योजना है। लेकिन कई बार अस्पतालों के स्तर से इसका दुरुपयोग भी नजर आया है। एक ही व्यक्ति के बार-बार आपरेशन दिखाकर भुगतान करवा लिया गया। दायरे को बढ़ाने की कोशिश है। पुराने आधार से सत्यापन की समस्या को लेकर सुधार करेंगे।

विधायक ने मंत्री के समक्ष उठाया वन भूमि का मुद्दा

वनभूमि के चक्कर में अटके काम, मालिकाना हक का उठा मुद्दा-लालकुआं विधायक डा. मोहन सिंह ने बिंदुखत्ता के लोगों को मालिकना हक का मुद्दा उठाने के साथ कहा कि विधानसभा से जुड़े कई क्षेत्रों में वनभूमि विवाद की वजह से सड़क-पेयजल से जुड़े काम अटक रहे हैं।

जिस पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जंगलात की जमीन को डी-फारेस्ट घोषित करने के लिए कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पास करने के बाद केंद्र को प्रस्ताव जाएगा। केंद्र के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी जाएगी।

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वहीं, रामनगर से पहुंचे पूर्व सैनिक विनोद रावत ने दुर्गा देवी-मैदावन मोटर मार्ग को पुन: खोलने की मांग की। 2004 से कार्बेट प्रशासन ने मार्ग को बंद कर रखा है। मंत्री ने ज्ञापन लेने के बाद विभागीय स्तर पर चर्चा का आश्वासन दिया है।

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