नैनीताल] जेएनएन : अध्यात्मिक गुरु व आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर का कहना है कि फाउंडेशन रसायनमुक्त खेती को बढ़ावा देने के साथ ही स्किल डेवलपमेंट पर जोर देगा। साथ ही उत्तराखंड में भी पंजाब-हरियाणा की तर्ज पर नशामुक्ति अभियान चलाया जाएगा। आध्यात्मिक गुरु ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें अयोध्या मामले में मध्यस्थ बनाने को लेकर एआइएमआइएम सांसद असदउद्दीन ओवैसी के विरोध करने पर कहा कि कुछ लोगों का काम हमेशा विरोध करना ही होता है।

शनिवार को श्री श्री रविशंकर हल्द्वानी से नौकुचियाताल पहुंचे। उन्होंने झील में नौकायन किया और यहां की झील व पर्यावरण की तुलना स्विटजरलैंड और कनाडा से की। इसके बाद सायं नैनीताल पहुंचे श्री श्री ने पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग रसायन मुक्त खेती व स्वच्छता पर अभियान चला रही है। उत्तराखंड में स्किल डेवलपमेंट सेंटर का संचालन किया जा रहा है। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से गांवों का भी व्यापक सर्वे किया गया है।

श्री श्री ने नैनीताल की सुंदरता की तारीफ की। मीडिया से बातचीत के बाद पैदल मल्लीताल मोहन-को चौराहे से बड़ा बाजार होते हुए नैना देवी मंदिर पहुंचे। वहां दस मिनट तक पूजा अर्चना की। नयना देवी मंदिर गेट पर हाई कोर्ट के न्यायाधीश रमेश चन्द्र खुल्बे ने भी श्री श्री से मुलाकात की। पर्यटक भी श्री श्री को पंत पार्क में देख बेहद उत्साहित दिखे। श्री श्री ने झील के सौंदर्य को निहारा। पाषाण देवी मंदिर में भी दर्शन किए। 

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Posted By: Skand Shukla

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