सुप्रीम कोर्ट का किच्छा-सिरौलीकलां में मतगणना व परिणाम घोषित करने का आदेश, हाई कोर्ट के फैसले पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने ऊधमसिंह नगर की किच्छा व सिरौलीकलां नगरपालिकाओं की मतगणना तीन सप्ताह के भीतर कराने के उत्तराखंड हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है।


समय कम है?
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जागरण संवाददाता, नैनीताल। सुप्रीम कोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जिले की नगरपालिका किच्छा व सिरौलीकलां की मतगणना तीन सप्ताह के भीतर कराने के उत्तराखंड हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है।
सर्वोच्च न्यायालय ने दोनों निकायों के पालिकाध्यक्ष व सभासद पदों की मतगणना कर आठ अक्टूबर तक परिणाम घोषित करने तथा नौ अक्टूबर को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को पूरी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग को दिए हैं। अगली सुनवाई शुक्रवार को ही होगी।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ में किच्छा नगरपालिका वार्ड सभासद की प्रत्याशी किच्छा निवासी अलीना मलिक की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें हाई कोर्ट के नगरपालिका किच्छा और सिरौली कलां के चुनाव की मतगणना तीन सप्ताह के भीतर कराने के आदेश को चुनौती दी गई थी।
राज्य सरकार की ओर से हाई कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर कानून व्यवस्था बनाए रखने को मतगणना के लिए समय मांगा था। सरकार का कहना था कि मतदान दिवस बूथों पर हंगामा हुआ था। जिसकी वजह से तनाव कि स्थिति पैदा हो गयी थी।
सरकार ने दो सप्ताह का समय मांगा था लेकिन कोर्ट ने तीन सप्ताह का समय दे दिया था। मलिक की ओ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कर मतगणना की मांग की थी। दोनों नगरपालिकाओं के लिए 22 सितंबर को मतदान हुआ था।
