गणेश पांडे, हल्द्वानी। प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूल में पढऩे वाले बच्चे माह में एक दिन बिना बस्ते के विद्यालय जाएंगे। इस दिन बच्चे पढ़ाई-लिखाई से मुक्त रहकर खुद की रुचि के अनुरूप कलात्मक क्रियाकलाप करेंगे। छात्र-छात्राओं के कौशल विकास के लिए शिक्षा विभाग ने यह नवाचारी कदम बढ़ाया है। अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान ने माह के आखिरी शनिवार को प्रतिभा दिवस के रूप में मनाने के निर्देश दिए हैं। इस दिन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के बच्चे बिना बैग के स्कूल जाएंगे। इस दिन विभिन्न खेलकूद आयोजित करने के साथ ही वाद्य यंत्र वादन, आर्ट-क्राफ्ट निर्माण जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। कोई भी गतिविधि बच्चों पर जबरन थोपी नहीं जाएंगी। बच्चे खुद की रुचि से एक्टिविटी चुनेंगे। निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण सीमा जौनसारी ने सुझाया है कि प्रतिभा दिवस के दिन इंग्लिश स्पीकिंग को भी बढ़ावा दिया जाए। शिक्षक बच्चों के साथ अंग्रेजी में बात करें। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास पैदा होगा व इंग्लिश में बात करने की क्षमता विकसित होगी।

अधिकारी लेंगे स्कूलों का जायजा

मई माह का प्रतिभा दिवस 25 तारीख को मनाया जाएगा। निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह कम से कम दो स्कूलों का भ्रमण कर आख्या उन्हें उपलब्ध कराएंगे। जिले के सर्वोत्कृष्ट प्राथमिक स्कूल व जूनियर हाईस्कूल के क्रियाकलापों की सूची राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को भेजनी होगी। सीमा जौनसारी, निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण ने बताया कि बच्चों की प्रतिभा निखरे इसके लिए माह का अंतिम शनिवार प्रतिभा दिवस के रूप में मनाया जाना है। अधिकारियों को अनुश्रवण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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Posted By: Skand Shukla