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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Coronavirus Effect : बैंक्वेट हॉल से लेकर गाजे-बाजे की बुकिंग कैंसिल कराने लगे लोग

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Fri, 03 Apr 2020 08:44 AM (IST)

आगामी 14 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रहे विवाह मुहूर्त पर कोरोना संक्रमण भारी पड़ गया है। फिलहाल अप्रैल में ...और पढ़ें

Coronavirus Effect : बैंक्वेट हॉल से लेकर गाजे-बाजे की बुकिंग कैंसिल कराने लगे लोग
Coronavirus Effect : बैंक्वेट हॉल से लेकर गाजे-बाजे की बुकिंग कैंसिल कराने लगे लोग

हल्द्वानी, जेएनएन : आगामी 14 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रहे विवाह मुहूर्त पर कोरोना संक्रमण भारी पड़ गया है। फिलहाल अप्रैल में जिन युवाओं का विवाह तय हो गया था उन्होंने उसे स्थगित कर दिया है। वहीं, जिन लोगों के विवाह मई और जून में होना है वह दुविधा की स्थिति में हैं कि इस महामारी का खात्मा कब तक होगा। लॉकडाउन की तारीख आगे बढ़ी तो वह कब तक की होगी, इसको लेकर भी चिंता सता रही है।

अनिश्चितता की स्थिति में कोई पंडितों से सलाह ले रहा है तो किसी ने नवंबर तक के लिए ही विवाह डाल दिया है। कई लोगों ने मैरिज हॉल, कैटरीना की बुकिंग तक कर ली थी। वह सब रद कराने लगे हैं। पंडित डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि 14 अप्रैल से 30 जून तक विवाह मुहूर्त हैं। अप्रैल में 27 तक पांच दिन के मुहूर्त में शहर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विवाह की तैयारियां की जा रही थी। कई लोगों ने पंडितों से लेकर घोड़ा बग्गी, कैटरिंग और बैंक्वेट हॉल तक की बुकिंग कर ली थी। कोरोना का संक्रमण फैलने पर सभी लोग परेशानी में पड़ गए हैं। आगामी 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि लॉकडाउन की तिथि आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। मगर, जिस तरह कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है उससे लोगों में तमाम चर्चाएं हैं। ऐसे में लोग मई और जून के मुहूर्त की तिथियों पर विचार कर रहे हैं। अधिकांश लोग 14 अप्रैल का इंतजार कर रहे हैं। पंडित मुकेश तिवारी ने बताया कि 30 जून तक जिन लोगों के विवाह नहीं हो पाएंगे उन्हें फिर देवउठनी एकादशी के बाद 26 नवंबर तक रुकना होगा।

अबूझ मुहूर्त पर लग सकता है ग्रहण

26 अप्रैल को अक्षय तृतीया है। यह अबूझ मुहूर्त वाला दिन कहलाता है। हर वर्ष अक्षय तृतीया पर बड़ी संख्या में विवाह होते हैं। पंडितों का कहना है कि लॉकडाउन की तिथि बढ़ी तो यह पहला अवसर होगा जब अक्षय तृतीया पर विवाह नहीं होंगे। यदि लॉकडाउन खत्म हुआ और प्रशासन अनुमति भी देता है तो वही जोड़े विवाह करेंगे जिन्हें किसी कारणों से इसी माह विवाह करना आवश्यक होगा। क्योंकि इस तिथि के आने में इतना कम समय है कि लोगों को तैयारियों के लिए न तो समय मिल पाएगा और नहीं खरीदारी कर पाएंगे।

क्या कहते हैं शहर के व्यवसायी

हर्षवर्धन पांडे, अध्यक्ष महानगर टैंट व्यापार एसोसिएशन हल्द्वानी ने बताया कि कोरोना वायरस का व्यापार पर व्यापक असर पड़ा है। अप्रैल की तकरीबन सभी बुकिंग रद हो गई हैं। लोगों को लॉकडाउन खुलने का इंतजार है। वहीं प्रकाश चंद्र भट्ट, संरक्षण हल्द्वानी वैंक्वेट हॉल एसोसिएशन ने बताया कि कोरोना वायरस के असर से कामकाज बुरी तरह प्रभावित है। आगे इसका कितना अच्छा रहेगा या कहना मुश्किल है। फिलहाल सभी लोग कोरोना वायरस से मुक्ति की प्रार्थना कर रहे हैं।

इनके सामने असमंज की स्थिति

ओखलकांडा ब्लॉक के रहने वाले गोपाल भट्ट की बेटी की शादी 6 मई को है। मार्च के पहले सप्ताह में ही लग्न तय हो गया था। अब असमंजस की स्थिति में है। फिलहाल 14 अप्रैल का इंतजार कर रहे हैं। गौलापार के मोहन जोशी के बेटे का विवाह 18 अप्रैल को होना तय था। बैंक्वेट हॉल, बाजे-गाजे तक की बुकिंग हो गई थी। फिलहाल दोनों पक्षों ने सहमति के बाद विवाह को आगे के लिए टाल दिया है।

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