'2011 में लाल चौक पर पाकिस्तान का झंडा देखा, मेरा सिर शर्म से झुक गया था,' हल्द्वानी में बोले नितिन नवीन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हल्द्वानी में कहा कि 2011 में लाल चौक पर पाकिस्तान का झंडा देखकर ...और पढ़ें
HighLights
2011 में लाल चौक पर पाकिस्तान का झंडा देख शर्मिंदगी हुई थी
आज लाल चौक पर तिरंगा लहराना, देश की बदली सोच
सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास, रक्षा आत्मनिर्भरता नई सोच का प्रतीक
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी । भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हल्द्वानी में गौरव सेनानी मिलन समारोह के दौरान कहा कि 2011 में लाल चौक पर पाकिस्तान का झंडा लहराते देखकर उनका सिर शर्म से झुक गया था, लेकिन आज उसी लाल चौक पर तिरंगा शान से लहराता है। उनके अनुसार यह केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि देश की सोच में आया बड़ा बदलाव है।
गुरुवार को नैनीताल रोड पर आयोजित समारोह में नितिन नवीन ने कहा कि 2011 में वह भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री थे। राष्ट्रीय एकता यात्रा की तैयारी के सिलसिले में कश्मीर पहुंचे थे। लाल चौक पर उन्होंने पाकिस्तान का झंडा देखा। उन्होंने कहा, "मेरा सिर शर्म से झुक गया। मुझे लगा कि मैं आजाद देश में रहता हूं, लेकिन मेरे माथे पर लाल चौक पर पाकिस्तान का झंडा लहरा रहा है।"
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उन्होंने इसके बाद 2012 में तवांग की यात्रा का प्रसंग सुनाया। कहा कि 1962 के बलिदानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए जब वह बुमला सीमा तक पहुंचे तो भारत की ओर कच्ची और दुर्गम सड़कें थीं, जबकि सामने चीन की ओर पक्की सड़कें बनी थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर भारतीय सीमा तक सड़कें क्यों नहीं हैं।
नवीन ने कहा कि 2017 में अरुणाचल प्रदेश जाने पर उन्होंने सीमा तक पक्की सड़कें देखीं। उन्होंने इसे 2014 के बाद बदली सोच का उदाहरण बताया। कहा कि अब सीमा के गांवों को देश का 'अंतिम गांव' नहीं, 'प्रथम गांव' माना जा रहा है और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास तथा सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
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उन्होंने सैनिकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि सैनिक कभी रिटायर नहीं होता। वर्दी उतरने के बाद भी उसका राष्ट्रप्रेम और देशसेवा का जज्बा जीवंत रहता है। नवीन ने ओआरओपी, रक्षा उत्पादन और निर्यात का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
