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ये है कॉर्बेट पार्क की फाटो रेंज का नया 'युवराज', ली भोला बाघ की जगह... दहाड़ ऐसी कि दूर-दूर से देखने पहुंचे सैलानी

Published: Tue, 03 Nov 2026 09:51 PM (IST)Updated: Tue, 03 Nov 2026 10:06 PM (IST)

कॉर्बेट पार्क के फाटो जोन में भोला बाघ की जगह अब नकटी बाघिन के बच्चे ने ले ली है। यह ...और पढ़ें

नकटी बाघिन का व्यस्क बाघ।

नकटी बाघिन का व्यस्क बाघ।

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संक्षेप में पढ़ें

जासं, रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के प्रसिद्ध फाटो पर्यटन जोन को उसका नया राजा मिल गया है। फाटो के सबसे चर्चित और पर्यटकों के पसंदीदा भोला बाघ की मौत के बाद अब नकटी बाघिन का बच्चा क्षेत्र का नया युवराज बनकर उभरा है।

मां से अलग होने के बाद इस युवा बाघ ने न सिर्फ भोला बाघ के इलाके (टेरेटरी) पर कब्जा कर लिया है बल्कि पर्यटकों के दिलों में भी अपनी जगह बना ली है।

रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत फाटो पर्यटन जोन में भोला बाघ पर्यटकों के प्रसिद्ध बाघों में से एक था। फाटो में उसकी धमक थी। हर कोई पर्यटक, जिप्सी चालक व गाइड उसकी एक झलक पाने को लालायित रहता था। इस साल पंजों में हुए जख्म के नासूर बनने के कारण भोला की मौत हो गई थी।

भोला की तरह ही नकटी बाघिन भी उस क्षेत्र की चर्चित बाघिन थी। कुछ समय पूर्व नकटी के दो बच्चे दो वर्ष से अधिक उम्र होने के चलते मां से अलग हो गए हैं। भोला की मौत के बाद अब नकटी के व्यस्क बच्चे ने भोला की टेरेटरी ले ली है। अब वह उस क्षेत्र में पर्यटकों को सबसे अधिक नजर आ रहा है।

युवराज को देखने के लिए दोबारा बुकिंग भी करा

फाटो के नेचर गाइड मनमोहन सिंह बताते हैं कि भोला की तरह ही नकटी का दो वर्षीय बच्चा व्यस्क हो चुका है। यह पर्यटकों को चाटन, ग्रीन वाटर, पिंक वाटर हाल, वाच टावर, मोटासाल वन क्षेत्र में अक्सर घूमते नजर आता है। कोई उसे युवराज तो कोई उसे भोला 2 के नाम से संबोधित कर रहा है।

भोला की तरह वह पर्यटकों की जिप्सी से दूर नहीं भाग रहा है। बल्कि पर्यटकों की जिप्सी के नजदीक पहुंचकर आराम से घूम रहा है। पर्यटकों को देखकर वह सफारी मार्ग पर आराम से घूम रहा है। इससे पर्यटक आसानी से उसकी फोटो व वीडियो बना रहे हैं। पर्यटक इस बाघ को देखने के लिए दोबारा आनलाइन बुकिंग भी करा रहे हैं।

फाटो पर्यटन क्षेत्र से एक बाघ हट गया है और दूसरे बाघ ने उसकी जगह ले ली है। बिना किसी देरी के दूसरा बाघ उसी क्षेत्र में आ गया है। इसका मतलब यह है कि फाटो में बाघों का हमारा वासस्थल उपयुक्त व अनुकूल है और बाघों की संख्या भी फाटो में अच्छी है। - संदीप गिरी, उप प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर

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