UP का यह टाइगर रिजर्व जुटा रहा पर्यटकों का जोनवार डेटा, बाघ दिखे या नहीं... इसका भी रहेगा पूरा हिसाब!
पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने नए पर्यटन सत्र के लिए पर्यटकों के जोनवार डेटा और वन्यजीवों के दिखने का रिकॉर्ड रखने ...और पढ़ें

एआई इमेज
HighLights
देशभर से आने वाले पर्यटकों को सात अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर जुटाया जाएगा आंकड़ा
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में नया पर्यटन सत्र शुरू होने के साथ ही वन विभाग ने सैलानियों की सहूलियत और बेहतर प्रबंधन के लिए कई नई तकनीकी और व्यावहारिक व्यवस्थाएं लागू की हैं। इस बार पीटीआर प्रशासन देशभर से आने वाले सैलानियों का पूरा डाटा जोनवार दर्ज करने जा रहा है।
इसके लिए देश को सात अलग-अलग हिस्सों में बांटकर पर्यटकों का ब्योरा एकत्र किया जाएगा। जिससे भविष्य में पर्यटन सुविधाओं को और अधिक उन्नत कर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
पीटीआर में आने वाले पर्यटकों के डेटाबेस को व्यवस्थित करने के लिए सात प्रमुख क्षेत्र तय किए गए हैं। इनमें उत्तर भारत, मध्य भारत, पश्चिमी भारत, दक्षिणी भारत, दिल्ली-एनसीआर, बंगाल और पूर्वोत्तर भारत शामिल हैं।
सफारी बुकिंग और प्रवेश के दौरान विशेष रूप से यह दर्ज किया जाएगा कि कौन सा पर्यटक किस क्षेत्र या राज्य से तराई के जंगलों का आनंद लेने आया है।
इस जोनवार डाटा के आधार पर वन विभाग को यह समझने में बहुत आसानी होगी कि पीटीआर में किस क्षेत्र के पर्यटकों की आवाजाही सबसे ज्यादा है और किन क्षेत्रों में अभी पीटीआर का प्रचार-प्रसार बढ़ाने की आवश्यकता है।
इसी डाटा का विश्लेषण करने के बाद आगामी दिनों में लक्षित क्षेत्रों में आनलाइन प्रचार अभियान चलाए जाएंगे, जिससे पर्यटन को नई ऊंचाई मिल सके।
पर्यटकों की क्षेत्रवार ट्रैकिंग के साथ-साथ इस पर्यटन सत्र में साइटिंग का भी व्यवस्थित रिकार्ड रखा जाएगा। वन विभाग यह ब्योरा तैयार करेगा कि सफारी पर जाने वाले कितने पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, भालू या अन्य दुर्लभ वन्यजीवों के दीदार हुए।
अक्सर दूर-दराज से आने वाले पर्यटक सफारी के दौरान वन्यजीव न दिखने पर निराश होकर लौटते हैं। साइटिंग के इस रिकार्ड के जरिए वन प्रशासन को यह तय करने में मदद मिलेगी कि किस पर्यटन जोन या रूट पर वन्यजीवों की हलचल अधिक है।
साइटिंग का यह सटीक डाटा पर्यटकों के उत्साह को बढ़ाने के साथ ही पीटीआर प्रशासन के लिए वन्यजीवों की बेहतर निगरानी और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने में बेहद कारगर साबित होगा।
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पर्यटन सत्र शुरु हो चुका है। पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिहाज से आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें- पीलीभीत टाइगर रिजर्व के 3 गेट और उनकी अनोखी कहानी: जानिए किस रास्ते से दिखेगा बाघ और कौन सा गेट आपके लिए है बेस्ट