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नैनीताल की डाट दूरबीन से खुलेंगे ब्रह्मांड के रहस्य, भारत-बेल्जियम के वैज्ञानिक करेंगे खोज

Published: Sat, 03 Oct 2026 12:18 PM (IST)

नैनीताल के एरीज स्थित देवस्थल की 3.6 मीटर ऑप्टिकल दूरबीन से 8 अक्टूबर से ग्रह-नक्षत्रों का खोज कार्य शुरू होगा।

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जागरण संवादाता, नैनीताल। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज की देवस्थल स्थित 3.6 मीटर आप्टिकल दूरबीन से इस बार आठ अक्टूबर से ग्रह नक्षत्रों का खोज कार्य शुरू किया जाएगा।

दूरबीन को दुरुस्त किए जाने का कार्य अंतिम चरण में है। इस बार भारत समेत बेल्जियम वैज्ञानिक विज्ञानी पहले चरण में आब्जर्वेशन करने जा रहे हैं।

देवस्थल डाट दूरबीन के इंचार्ज व खगोल वैज्ञानिक डा. सौरभ शर्मा ने बताया कि मानसून सीजन खत्म होने के बाद प्रत्येक वर्ष अक्टूबर में दूरबीन से आब्जर्वेशन शुरू किए जाते हैं।

 

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चार माह का शेड्यूल

अगले चार माह का शेड्यूल बना दिया गया है। जिसके तहत कई दर्जन विज्ञानी अध्ययन करने जा रहे हैं। जिनमें ब्लैक होल, सक्रिय आकाशगंगा, बाहरी ग्रह, तारों में होने वाले विस्फोट समेत ब्रह्मांड के अन्य रहस्य उजागर किए जाने के लिए डाट दूरबीन की मदद ली जाएगी।

उम्मीद है कि इस बार ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्य उजागर हो सकेंगे। इस दूरबीन में लगे आधुनिक उपकरणों के जरिए तारे या आकाशगंगा से आने वाले प्रकाश का स्पेक्ट्रम प्राप्त किया जा सकता है। इससे वैज्ञानिक यह पता लगा सकते हैं कि उस पिंड में कौन-कौन से रासायनिक तत्व मौजूद हैं और वह किस प्रकार की भौतिक परिस्थितियों में है।

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यह दूरबीन दस वर्ष पूरे कर चुकी है और इस दौरान क्वेसार, सुपरनोवा, गामा-रे बर्स्ट, ब्लैक होल, क्वासर, युवा तारे और समेत दुर्लभ और सुपरनोवा का आब्जर्वेशन किए जा चुके हैं। इस वर्ष किसी दूसरे सौरमंडल का धूमकेतु 3आइ/एटलस का अध्ययन भी विज्ञानी करेंगे।