विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

लद्दाख के चांगथांग में सजेगा 'एस्ट्रो सप्ताह', पर्यटकों को दिखेंगे ब्रह्मांड के अद्भुत नजारे

Published: Mon, 18 May 2026 02:15 PM (IST)

लद्दाख के चांगथांग में 20 से 26 मई तक 'एस्ट्रो सप्ताह' का आयोजन किया जा रहा है, जहां पर्यटक ब्रह्मांड के अद्भुत नज़ारे देख सकेंगे।

लद्दाख के चांगथांग में 20 से 26 मई तक 'एस्ट्रो सप्ताह' का आयोजन किया जा रहा है (AI Generated फोटो)

लद्दाख के चांगथांग में 20 से 26 मई तक 'एस्ट्रो सप्ताह' का आयोजन किया जा रहा है (AI Generated फोटो)

HighLights

  1. लद्दाख में 20-26 मई तक एस्ट्रो सप्ताह का आयोजन।

  2. पर्यटक चांगथांग में ब्रह्मांड के अद्भुत नज़ारे देखेंगे।

  3. विज्ञान, पर्यटन, प्रकृति का संगम; डार्क स्काई डेस्टिनेशन।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। लद्दाख की घनी काली रातों में 20 मई से लगने जा रहे तारों के मेले में देश विदेश के पर्यटकों को ब्रह्मांड के अजूबे देखने को मिलेंगे। इसमें तारों, ग्रहों व आकाशगंगाओं के दुर्लभ दृश्य दिखेंगे।

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटे चांगथांग (हानले) में 26 मई तक चलने वाला सात दिवसीय एस्ट्रो सप्ताह विज्ञान, पर्यटन व प्रकृति के अद्भुत संगम का अनूठा उदाहरण बनेगा।

इस दौरान लेह से लेकर शाम, नुब्रा, जंस्कार, कारगिल, द्रास व चांगथांग में खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष से जुड़े रोमांचक कार्यक्रम होंगे। जिसमें लोगों और पर्यटकों को आसमान के अद्भुत नजारे देखने, तारों का अवलोकन करने के साथ वैज्ञानिक गतिविधियों से जुड़ने का मौका मिलेगा।

एस्ट्रो सप्ताह की तैयारियों में जुटे आब्र्जवेटरी के इंजीनियर

एस्ट्रो सप्ताह की तैयारियों में जुटे इंडियन एस्ट्रानामिकल आब्र्जवेटरी के इंजीनियर इंचार्ज दोरजे आंगचुक का कहना है कि ब्रह्मांड के रहस्यों में रूचि रखने वाले लोगों के लिए यह सप्ताह कभी न भूलने वाला अनुभव होगा।

इसमें डॉ. नीरज मोहन, प्रो. देवेंद्र व खगोल विज्ञान के अन्य कई विशेषज्ञ देश-विदेश के विज्ञान प्रेमियों, पर्यटकों व युवाओं को ब्रह्मांड की रहस्यमयी दुनिया से रूबरू करवाएंगे। इस एस्ट्रो सप्ताह का आयोजन लद्दाख पर्यटन विभाग व बेंगलुरु स्थित भारतीय खगोलीय भौतिकी संस्थान के सहयोग से किया जा रहा है।

विज्ञान व खगोल विज्ञान को लद्दाख के हर कोने तक पहुंचाने के साथ इस सप्ताह से युवाओं की अंतरिक्ष में रुचि बढ़ाई जाएगी। एस्ट्रो सप्ताह में स्काई आब्जर्वेशन, खगोल विज्ञान जागरूकता अभियान, क्षेत्रीय कार्यक्रम व विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र आयोजित होंगे।

स्वच्छ व प्रदूषण रहित आसमान आयोजन को खास बनाएगा

लद्दाख का स्वच्छ व प्रदूषण रहित आसमान इस आयोजन को खास बनाएगा। सितारों और ब्रह्मांड के अद्भुत नजारों का अनुभव मिलेगा। कार्यक्रम के पहले दिन विशेषज्ञों के व्याख्यान, इंटरैक्टिव विज्ञान स्टाल, सौर अवलोकन, एस्ट्रोफोटोग्राफी प्रदर्शनी व साफ आसमान के नीचे नाइट स्काई वाच जैसे आकर्षक आयोजन होंगे।

आयोजन में ब्लैक होल, गैलेक्सी और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ जानकारी देंगे। वहीं, सोलर व्यूइंग सत्र के दौरान लोग सुरक्षित तरीके से सूर्य की सतह पर दिखाई देने वाले सनस्पाट्स और सौर ज्वालाओं को देख सकेंगे।

इसके अलावा एस्ट्रोफोटोग्राफी गैलरी में ब्रह्मांड की मनमोहक तस्वीरों को प्रदर्शित किया जाएगा, जो अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए खास आकर्षण रहेगा। यह कार्यक्रम विज्ञान, पर्यटन और प्रकृति को एक साथ जोड़ते हुए लद्दाख को डार्क स्काई डेस्टिनेशन के रूप में नई पहचान देगा।

लद्दाख के हानले में दुनियाभर से खगोलविद आते हैं

लद्दाख के हानले में दुनियाभर से खगोलविद आते हैं। वर्ष 2022 में हानले को डार्क स्काई रिजर्व घोषित किए जाने के बाद सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। चांगथांग वन्यजीव अभयारण्य के भीतर हानले गांव व आसपास के 1073 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को डार्क स्काई रिजर्व घोषित किया गया है।

यहां पर 4500 मीटर की ऊचाई पर दुनिया का दूसरा सबसे ऊचा आप्टिकल टेलीस्कोप स्थापित किया गया है। लद्दाख प्रशासन ने हानले में महिलाओं को होमस्टे स्थापित करने में सहयोग देने के साथ युवाओं को एस्ट्रो अंबेसडर बनाकर उन्हें टेलीस्कोप उपलब्ध करवाएं हैं।