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नैनीताल में युवक की जल जनित बीमारी से मौत पर परिजनों का आरोप, अस्पताल में बेड न मिलने से गई जान

Published: Wed, 23 Sep 2026 09:41 PM (IST)

नैनीताल के ज्योलीकोट निवासी एक युवक की हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में कथित तौर पर बेड न मिलने के ...और पढ़ें

यह फोटो एआई से बनाई गई है

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जागरण संवाददाता, नैनीताल। शहर के समीपवर्ती ज्योलीकोट क्षेत्र में एक और युवक जिम्मेदारों की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। बुखार की समस्या लेकर बीडी पांडे अस्पताल लाये गए युवक को प्राथमिक उपचार देकर हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

स्वजनों का आरोप है कि हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में कई घंटो तक बेड नहीं मिला। समय पर उपचार नहीं मिलने पर सुबह उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद स्वजनों में कोहराम मचा है।

जानकारी के मुताबिक कैलाखान निवासी 26 वर्षीय अमन सोनकर उर्फ सौरभ मेहनत मजदूरी का काम करता है। लंबे समय से वह एक ठेकेदार के अधीन ज्योलीकोट क्षेत्र में काम करता था। बीते माह ज्योलीकोट क्षेत्र में रहते हुए वह भी पीलिया की चपेट में आ गया।

रक्षाबंधन को बुखार की शिकायत बताई तो स्वजनों ने अस्पताल दिखाने की सलाह दी। ज्योलीकोट प्राथमिक केंद्र में उपचार के बाद उसकी हालत में कुछ सुधार आने लगा।

मंगलवार को बुखार व तबियत बिगड़ने पर ठेकेदार व अन्य मजदूर बीडी पांडे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। देर रात तक बैड नहीं मिलने के बाद उसे भर्ती तो किया गया, लेकिन सुबह उसने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।

स्वजनों ने अस्पताल में बैड नहीं मिलने के लगाए आरोप

अगस्त से बीमार हुआ अमन उपचार को लेकर अस्पताल तो पहुंचा, लेकिन उसे बेहतर उपचार नहीं मिल सका। उसकी मौत के बाद स्वजनों ने अस्पताल में बैड नहीं मिलने के आरोप लगाकर चिकित्सा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिये है।

मृतक के भाई संजय सोनकर ने बताया कि बुखार व तबियत बिगड़ने पर साथ में काम करने वाले मजदूर उसे बीडी पांडे अस्पताल लेकर पहुंचे थे। लेकिन वहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। सूचना मिलने के बाद वह अमन को सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर पहुंचे।

आरोप है कि अस्पताल में रात दो बजे तक उन्हें बैड नहीं मिला। देरी से बैड मिलने के बाद अमन को भर्ती तो किया गया, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते कुछ ही घंटो बाद उसके भाई की मौत हो गई।
इंसेट

हालत में सुधार होने के बाद ही दी थी छुट्टी

सीएमओ डा. रश्मि पंत ने बताया कि बीते माह युवक को बुखार की शिकायत थी तो वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट दिखाने पहुंचा था। जहां जांच में उसे पीलिया होने की पुष्टि हुई थी।

मरीज के उपचार संबंधित दस्तावेजों की जांच में सामने आया है कि उसे भर्ती कर ड्रिप लगाने के साथ ही अन्य उपचार दिया गया था। हालत में सुधार होने पर ही उसे छुट्टी दी थी।

एल्कोहल विड्राल इनड्यूज वेलेरियम की मरीज को थी समस्या

सीएमओ ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने मरीज के सभी दस्तावेज मंगाए है। बीते माह ओपीडी में दिखाने के दौरान चिकित्सकों ने उसके पर्चे पर एल्कोहल विड्राल की बात लिखी है।

मंगलवार को भी जब वह शाम करीब सात बजे बीडी पांडे अस्पताल आपातकाल में दिखाने पहुंचा था। वहां भी आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने उसके पर्चे पर एल्कोहल विड्राल इनड्यूज वेलेरियम की समस्या होना लिखा है।

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इसी कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था। हालांकि हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में बैड नहीं मिलने को लग रहे आरोपों के संबंध में संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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