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दिल्ली की महिला पर्यटक से दुष्कर्म का प्रयास और मारपीट, नैनीताल में सेफ टूरिज्म के दावों की खुली पोल

Published: Sun, 08 Mar 2026 11:09 AM (IST)

नैनीताल में सुरक्षित पर्यटन के दावों की पोल खुल गई है। दिल्ली की एक महिला पर्यटक से दुष्कर्म के प्रयास ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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HighLights

  1. दिल्ली की महिला पर्यटक से दुष्कर्म का प्रयास, मारपीट

  2. अवैध गाइड, बाहरी टैक्सी चालक पर्यटकों के लिए खतरा

  3. पंजीकरण, ड्रेस कोड नियमों का पालन नहीं हो रहा

नरेश कुमार, नैनीताल। शहर में पर्यटकों की सुरक्षा बड़ा सवाल बन गई है। गत दिवस दिल्ली की महिला पर्यटक से दुष्कर्म की कोशिश और मारपीट ने आम लोगों के साथ ही पर्यटन से जुड़े कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी। क्योंकि इससे शहर की छवि को नुकसान हुआ है। शहर में आए दिन कही कोई अवैध गाइड पर्यटकों से भिड़ जाता है तो कभी बाहरी कारोबारी पर्यटकों से अभद्रता करते हैं।

अवैध गाइडिंग, अन्य शहरों से आकर रेहड़ी फड़ लगाने वालों के साथ ही टैक्सी कारोबार में भी बाहरी लोगों का बोलबाला है। बाहरी व अनधिकृत लोगों के धड़ल्ले से काम करने से पुलिस की भी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे है। शहर में पर्यटन से जुड़े कार्यों के लिए नगर पालिका से लाइसेंस की व्यवस्था है।

नियम मुताबिक पर्यटन गाइड के साथ ही नाव चालक, घोड़ा संचालक, रिक्शा संचालक व चालकों को लाइसेंस जारी करने के बाद ही कार्य करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन अब नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। पालिका में पंजीकृत गाइडों के विपरीत कई लोग बिना लाइसेंस शहर के चौराहों व मालरोड में अड्डा जमाए रहते है। मालरोड में 2017 के बाद पंजीकृत टैक्सी वाहनों के प्रतिबंधित होने के बावजूद रामपुर, दड़ियाल व अन्य बाहरी शहरों के टैक्सी चालकों का बोलबाला है।

ड्रेस कोड निर्धारित, लेकिन सड़क पर नहीं दिखता असर

शहर में अलग-अलग पर्यटन गतिविधियों में लगे लोगों के लिए पंजीकरण के साथ ही ड्रेस कोड तय है। बीते वर्ष पर्यटन विभाग ने पंजीकृत 53 पर्यटन गाइडों को प्रशिक्षण देकर ड्रेस का भी वितरण किया। इसके अलावा नाव चालक, घोड़ा चालकों के साथ ही फड़ कारोबारियों को भी लाखों खर्च कर ड्रेस वितरित की गई। लेकिन पर्यटन विभाग की यह कवायद पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सकी। वर्तमान स्थिति यह है कि बिना लाइसेंस व ड्रेस कोड के पर्यटन गतिविधियों में लगे लोगों की पहचान मुश्किल हो जाती है।

बाहरी टैक्सी चालकों पर नहीं कोई जोर

शहर के मालरोड पर निर्धारित तिथि के बाद के पंजीकृत वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध के बावजूद करीब एक हजार वाहनों का संचालन होता है। जिसमें से अधिकांश वाहन शहर से बाहर के पंजीकरण के है। घोड़ा संचालन के बाद टैक्सी कारोबार में उतरे रामपुर, दड़ियाल समेत अन्य बाहरी जिलों के टैक्सी चालक प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी बेरोक टोक वाहन चलाते है।

वहीं पर्यटकों को छोड़ने नैनीताल पहुंचे बाहरी राज्यों के चालकों के सवारियां भरना आम बात है। तल्लीताल टैक्सी मालिक समिति पूर्व अध्यक्ष पंकज तिवारी ने बताया कि शहर में टैक्सी स्टैंड उपलब्ध नहीं होने के बावजूद चार टैक्सी यूनियन कार्य कर रही है। जिसमें करीब 200 वाहन ही पंजीकृत है। इससे चार गुना अधिक वाहनों का शहर में अनधिकृत से संचालन हो रहा है।

इस वर्ष 690 लाइसेंस जारी

नगर पालिका की ओर से इस साल 82 लोगों का होटल व पर्यटन गाइड लाइसेंस बनाया गया है। इसके अलावा 94 घोड़ा संचालक, 82 रिक्शा मालिक, 120 फड़ कारोबारी और 312 नाव मालिकों के लाइसेंस जारी किए गए है। इसके विपरित बिना पंजीकरण दो सौ से अधिक लोग गाइडिंग के कार्य में लगे है। यहीं हाल फड़ कारोबार का है। बाहरी शहरों से रेहड़ी फड़ लगाने वालों का कोई आंकड़ा तक संबंधित विभाग के पास नहीं है।

नैनीताल में अवैध फड़, खोखों, गाइडों पर कार्रवाई को पालिका को जबकि अवैध टैक्सी संचालन को पुलिस को निर्देशित किया जा रहा है। अवैध कारोबार को फलने फूलने नहीं दिया जाएगा। - ललित मोहन रयाल, डीएम नैनीताल

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