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एडीजी की फटकार के बाद जागी नैनीताल पुलिस, एक रात में 43 FIR

Published: Sun, 18 Oct 2026 02:16 PM (IST)Updated: Sun, 18 Oct 2026 02:19 PM (IST)

एडीजी की फटकार के बाद नैनीताल पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में तेजी से कार्रवाई करते हुए एक रात ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की रकम नैनीताल जिले के बैंक खातों में पहुंचने और एटीएम व चेक से निकाले जाने के मामलों में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।

साइबर अपराध के हाटस्पाट पर कार्रवाई में सुस्ती को लेकर अपर एडीजी की फटकार के बाद जिला पुलिस ने एक ही रात में 43 प्राथमिकी दर्ज कीं। जिले में अब तक ऐसी प्राथमिकी की संख्या 49 पहुंच गई है। जांच में छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में दर्ज ठगी की शिकायतों के तार जिले के बैंक खातों तक पहुंचे हैं।

पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डा. वी. मुरुगेशन ने शुक्रवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्रवाई में देरी पर नाराजगी जताई थी। आइजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती ने भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

इसके बाद राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, समन्वय पोर्टल के प्रतिबिंब माड्यूल और साइबर सेल से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध खातों की जांच तेज की गई। कई खातों में संदिग्ध धनराशि आने, एक ही खाते के विरुद्ध कई शिकायतें दर्ज होने और खाताधारकों के पते का सत्यापन नहीं होने जैसे तथ्य सामने आए। इसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गईं।

एडीजी ने लापरवाही बरतने वाले थाना-चौकी स्तर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यहां हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र में केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक बैंक, एसबीआइ और पंजाब नेशनल बैंक के संदिग्ध खातों की पड़ताल हो रही है।

पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में 25 फरवरी से 27 जुलाई 2026 के बीच 3.39 लाख रुपये आए। यह खाता राजपुरा बस्ती निवासी शादाब के नाम पर है। पुलिस के अनुसार, खाताधारक के पते का सत्यापन नहीं हो सका।

खाताधारकों की भूमिका की जांच

पुलिस को आशंका है कि कुछ खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने और निकालने के लिए किया गया। ऐसे खातों को म्यूल खाते कहा जाता है। जांच की जा रही है कि खाताधारकों ने जानबूझकर खाते दूसरों को दिए या उनकी जानकारी के बिना उनका इस्तेमाल हुआ। पुलिस लेनदेन की पूरी कड़ी और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका का पता लगा रही है।

तीन राज्यों की ठगी की रकम से निकासी

छत्तीसगढ़ में दर्ज 26.78 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत से जुड़े मामले में मुखानी के एटीएम से 60 हजार रुपये निकाले गए। पश्चिम बंगाल में दर्ज 19.67 लाख रुपये की ठगी के मामले में हल्द्वानी के बैंक आफ बड़ौदा एटीएम से 20 हजार रुपये निकले। तमिलनाडु में दर्ज 3.99 लाख रुपये की ठगी से जुड़े मामले में आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के एटीएम से 40 हजार रुपये निकाले जाने की जानकारी मिली है।

मुखानी में कई बैंक जांच के दायरे में

मुखानी क्षेत्र में बैंक आफ महाराष्ट्र के छह संदिग्ध खाते सामने आए। इनमें नेम चंद्र शर्मा, रितिक आर्य, मनोज कुमार, महेंद्र चंद, संजीव कुमार और एक अज्ञात खाताधारक का खाता शामिल है।

पुलिस जांच के अनुसार, रितिक आर्य के विरुद्ध 10 और संजीव कुमार के विरुद्ध छह एनसीआरपी शिकायतें दर्ज हैं। इन छह खातों को फ्रीज किया गया है। यूनियन बैंक आफ इंडिया के पांच खातों में भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली है। इसके अलावा आइडीबीआइ बैंक और बैंक आफ बड़ौदा के खातों की जांच में भी साइबर ठगी की रकम से जुड़े मामले सामने आए हैं।

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