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WhatsApp पर NO लिखने से कैसे खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, साइबर ठगों के पूरे खेल को समझिए

Published: Sat, 17 Oct 2026 02:33 PM (IST)Updated: Sat, 17 Oct 2026 02:55 PM (IST)

साइबर ठग अब व्हाट्सएप पर 'NO' जवाब देने मात्र से बैंक खाते खाली कर रहे हैं, जैसा कि लखनऊ में एक सीए के साथ हुआ।

बैंक खाता खाली करने का साइबर ठगों ने निकाला नया तरीका। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)

बैंक खाता खाली करने का साइबर ठगों ने निकाला नया तरीका। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)

HighLights

  1. व्हाट्सएप पर 'NO' जवाब देने से बैंक खाते खाली।

  2. साइबर ठगों का नया तरीका, बिना OTP के ठगी।

  3. पुलिस ने अज्ञात नंबरों से सतर्क रहने की चेतावनी दी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक सीए के पास 90 हजार रुपये कटने का फर्जी मैसेज आया तो इसके जवाब में उन्होंने NO लिख दिया। इसके बाद उनके दो खातों से 1 लाख 70 हजार रुपये की ठगी हो गई।

कहने का मतलब यह है कि आजकल साइबर ठग नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं, जिसमें बिना ओटीपी शेयर किए या किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करवाए ही व्हाट्सएप मैसेज के जरिए लोगों के बैंक खाते खाली किए जा सकते हैं।

पुलिस ने दी चेतावनी

हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वी. सी. सज्जनार ने लोगों को एक ऐसे साइबर फ्रॉड के बारे में चेतावनी दी है। सज्जनार के अनुसार, ठग अनजान या अंतरराष्ट्रीय नंबरों से मैसेज भेजते हैं, जिसमें दावा किया जाता है कि व्यक्ति के बैंक खाते से पैसे कट गए हैं। इसके बाद एक और मैसेज आता है, जिसमें कहा जाता है कि अगर यह ट्रांजैक्शन आपने नहीं किया है तो जवाब में NO लिखकर भेजें।

क्या है पूरा खेल?

तेलुगु भाषा में किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिस कमिश्नर ने इस कथित धोखाधड़ी को ऑटो-एग्जीक्यूशन फाइल अटैक बताया है। अनुवादित संदेश के अनुसार, एक पीड़ित ने कथित तौर पर अपने बैंक खाते के सारे पैसे तब गंवा दिए जब उसने व्हाट्सएप पर आए एक संदेश का जवाब सिर्फ NO लिखकर दिया।

बताया जा रहा है कि पीड़ित ने न तो अपनी कोई बैंकिंग जानकारी दी, न ही कोई ओटीपी शेयर किया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया। सज्जनार ने बताया कि उन्हें ऐसी रिपोर्टें मिली हैं जिनमें प्रोफेशनल्स यहां तक कि एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी इस घोटाले का निशाना बनाया गया है।

कैसे काम करता है ये स्कैम?

इस तरह की धोखाधड़ी आमतौर पर कई चरणों में होती है:

  • पीड़ितों को एक संदेश मिलता है जिसमें दावा किया जाता है कि उनके बैंक खाते से पैसे कट गए हैं।
  • एक दूसरे संदेश में उनसे कहा जाता है कि अगर उन्होंने यह ट्रांजेक्शन नहीं किया है तो वे NO लिखकर जवाब दें।
  • जैसे ही वे जवाब देते हैं वैसे ही कथित तौर पर कुछ छिपे हुए हानिकारक स्क्रिप्ट सक्रिय हो जाते हैं।
  • इसके बाद साइबर अपराधी पीड़ित के डिवाइस तक पहुंच बना सकते हैं और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।

इससे कैसे बचें?

  1. पुलिस आयुक्त ने लोगों से आग्रह किया कि वे अज्ञात नंबरों से आने वाले संदिग्ध संदेशों का जवाब YES या NO में न दें।
  2. भेजने वाले को ब्लॉक करें और तुरंत चैट डिलीट कर दें।
  3. लेन-देन की पुष्टि केवल आधिकारिक बैंकिंग ऐप्स, वेबसाइटों या कस्टमर-केयर चैनलों के जरिए ही करें।
  4. अनौपचारिक व्हाट्सएप अकाउंट से भेजे गए लेन-देन अलर्ट को अनदेखा करें।

अगर शिकार हो जाएं तो क्या करें?

सज्जनार ने लोगों को याद दिलाया कि असली बैंक आमतौर पर ग्राहकों से व्हाट्सएप पर आए किसी रैंडम मैसेज के जरिए ट्रांजेक्शन वेरिफाई करने के लिए नहीं कहते हैं। अगर किसी को साइबर फ्रॉड का शक हो तो उसे तुरंत नेशनल साइबरक्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करना चाहिए या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने और बैंकिंग से जुड़े किसी भी संदेश पर कोई कदम उठाने से पहले आधिकारिक माध्यमों से उसकी पुष्टि करने का आग्रह किया।

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