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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mamta Bisht Murder Haldwani: पुलिस ने किया पर्दाफाश, परिचित ने की थी हत्या, पहचान का फायदा उठाकर पहुंचा था घर

By Jagran NewsEdited By: Rajesh Verma
Published: Mon, 07 Nov 2022 04:50 PM (IST)

Mamta Bisht Murder Haldwani ममता बिष्ट की हत्या किच्छा निवासी अशरफ उर्फ भूरा ने की थी। वह वेल्डिंग का काम ...और पढ़ें

Mamta Bisht Murder Haldwani: तीन नवंबर को वह लूट के इरादे से घर में घुसा था।
Mamta Bisht Murder Haldwani: तीन नवंबर को वह लूट के इरादे से घर में घुसा था।

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : Mamta Bisht Murder Haldwani: बाजपुर कोतवाली क्षेत्र की बन्नाखेड़ा चौकी में तैनात सिपाही शंकर बिष्ट की पत्नी ममता की हत्या वेल्डर ने लूट के लिए ही की थी। किच्छा का मो. अशरफ उर्फ भूरा ममता का कातिल निकला। कर्ज में डूबने पर उसने वारदात को अंजाम दिया। पहले पुलिस हत्या को लूट दिखाने का प्रयास मान रही थी। लेकिन साक्ष्यों के आधार पर कहानी में नया मोड़ आ गया।

रुद्रपुर व किच्छा तक खंगाले कैमरे

सोमवार को पुलिस बहुउद्देशीय भवन में डीआइजी डा. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि तीन नवंबर को कालिका कालोनी निवासी सिपाही शंकर बिष्ट की पत्नी ममता बिष्ट की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। मामले में प्राथमिकी कर हत्यारे की तलाश शुरू कर दी थी। हल्द्वानी से रुद्रपुर व किच्छा तक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। जिसमें एक बाइक सवार दिखाई दिया। रविवार देर रात पुलिस ने वार्ड नंबर 15 किच्छा निवासी मो. अशरफ उर्फ भूरा पुत्र अब्दुल नवी को गिरफ्तार किया।

हथौड़ा लेकर पहुंचा था ममता के घर

पूछताछ में अशरफ ने पुलिस को बताया कि दो साल पहले वह सिपाही शंकर बिष्ट के घर में ग्रिल का काम कर चुका था। इसलिए उसे पता था कि ममता घर में अकेली रहती है। हत्यारा इस बात को लेकर आश्वस्त था कि ममता उसे घर में आने देगी। कर्ज में डूबने के कारण उसे रुपयों की जरूरत थी। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए वह ममता के घर जेब में हथोड़ा लेकर पहुंचा था।

बाइक की नंबर प्लेट पर बांधा था कपड़ा

एसएसपी ने बताया कि जिस बाइक से अशरफ ममता के घर पहुंचा, उसकी पहचान न हो, इसलिए बाइक की नंबर प्लेट पर कपड़ा बांधा दिया था। घर पर पहुंचते ही उसने ममता को बताया कि जो ग्रिल उनके मकान में लगी है। उसकी फोटो मोबाइल से लेनी है। इस तरह की ग्रिल कहीं और भी लगानी है। वह ग्रिल की फोटो लेने छत पर गया। पीछे से ममता भी चली गई।

ममता पानी लेने गई तभी किया हमला

वापस नीचे आने पर ममता ने इंसानियत के नाते उसे पानी के लिए पूछा। उसने पानी के लिए हां बोला। ममता आरओ से पानी भर रही थी तभी उसने पीछे से आकर सिर पर हथोड़े से प्रहार कर दिए। जिससे वह लहुलूहान होकर गिर गई और मौत हो गई। इसके बाद मो. अशरफ दो मंजिले पर गया। अलमारी का लाॅक तोडऩे का प्रयास किया। लेकिन वह तोडऩे में असफल रहा। इसके बाद वह नीचे पहुंचा और लाॅकर की चाबी लेकर गया। लाॅकर खोलने में डिब्बे मेें भरे जेवर को वह आर्टीफिशियल समझकर छोड़ गया। बाकी कुछ जेवर व तीन हजार रुपये ले गया।

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