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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ममता बिष्ट हत्याकांड: सब कुछ ले जाते... मेरी ममता को क्यों मारा, बिलखते सिपाही को सांत्वना देते रहे साथी

By Jagran NewsEdited By: Rajesh Verma
Published: Thu, 03 Nov 2022 10:05 PM (IST)

Mamta Bisht murder case Haldwani पुलिस सूत्रों के अनुसार जिस तरीके से शव बरामद हुआ है उससे ऐसा प्रतीत हो ...और पढ़ें

दोपहर 11 बजे से पहले पड़ोस की महिला ने ममता को घर में देखा था।
दोपहर 11 बजे से पहले पड़ोस की महिला ने ममता को घर में देखा था।

दीप चंद्र बेलवाल, हल्द्वानी : Mamta Bisht murder case Haldwani: आज आंसू पोछने वाला कोई नहीं था। स्वजन व रिश्तेदार शाम तक घर नहीं पहुंचे। शंकर ममता की याद में बिलख रहा था। सात जन्मों तक साथ निभाने की कस्में खाईं थीं, आज ये क्या हो गया। शंकर को घर लूटने का कोई मलाल नहीं, पत्नी जिंदा होती बस। दर्द छलक कर शब्दों के रूप में बाहर निकला। शंकर बोला, मेरा सब कुछ ले जाते... मेरी ममता को क्यों मारा। ममता कैसे जियूंगा तेरे बिना। कौन देगा अब मुझे सहारा। कपिल व रिया को कैसे समझाऊंगा। इस दृश्य ने तो पुलिस अधिकारियों को भी भावुक कर दिया।

11 बजे से पहले पड़ोसी ने देखा था ममता को

शंकर ऊधम सिंह नगर में तैनाती होने के कारण घर से दूर था। हालांकि परिवार से संपर्क रोजाना ही रहता। सुबह से रात तक अनगिनत आॅडियो और वीडियो काॅल हो जाते। गुरुवार सुबह भी ड्यूटी पर जाने से पहले पत्नी और बच्चों से बात हुई थी। सुबह नौ बजे बच्चे घर से स्कूल के लिए चले गए। पत्नी हर दिन की तरह अकेले ही थी। दोपहर 11 बजे से पहले पड़ोस की महिला ने ममता को घर में देखा था।

घर में कुत्ता भी, मगर छत पर बांध रखा था

ममता का कुत्ता वारदात के समय घर की छत पर कमरे में बंद था। कुत्ता कमरे में होता तो बदमाशों की घर में घुसने की हिम्मत कदाचित कम हो जाती। दोपहर 11 बजे घर में बदमाश घुसे और ममता पर जानलेवा हमला कर दिया।

हत्या किसी और कमरे में, बाद मेें रसोई में फेंका

पुलिस सूत्रों के अनुसार जिस तरीके से शव बरामद हुआ है, उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पहले ममता की हत्या हुई। इसके बाद शव रसोई में जाकर फेंका गया। फिर अलमारी के लाॅकर खोलकर ज्वेलरी निकाली गई।

स्वजनों का बुरा हाल

इधर, पत्नी की मौत से पति शंकर व बच्चे कपिल व रिया का रो-रोकर बुरा हाल है। वारदात के बाद पति को सिपाही सांत्वना दे रहे थे। वह डबडबाती आंखों से अपने स्वजनों व रिश्तेदारों का फोन भी रिसीव कर रहा था। दीदी से बात करते समय शंकर सबसे ज्यादा भावुक हो गए। कहने लगे बदमाश पूरा घर खंगाल लेते... मेरी ममता को तो नहीं मारते।

घर के बाहर आज नहीं थी मां

ममता व शंकर के दोनों बच्चे कपिल और रिया सरस्वती एकेडमी स्कूल में पढ़ते हैं। रोजाना ममता स्कूल की छुट्टी के समय गेट पर खड़ी रहती थी। उसके हाथ में बच्चों के लिए चाॅकलेट रहती थी। गुरुवार को बच्चे स्कूल से बाहर आए तो गेट पर मां नजर नहीं आई। दोनों ने सोचा कि घर पहुंचकर आज मां से शिकायत करेंगे। लेकिन उन्हें क्या पता था किसी ने मां को उनसे हमेशा के लिए दूर कर दिया है। घर पहुंचने पर कपिल को मां नहीं मिली तो पिता को सूचना देकर बदहवास सा थाने की ओर दौड़ पड़ा। इधर, तलाश में लगी रिया को कुछ देर बाद रसोई में खून से सनी मां की लाश मिली।

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