Mallikarjun Shuddhikaran Controversy: जिस मैदान की देश भर में चर्चा, उस पर नशेड़ियों-गंदगी का कब्जा
हल्द्वानी का ऐतिहासिक रामलीला मैदान, जो राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है, नशेड़ियों और गंदगी का अड्डा बन गया है।

हल्द्वानी रामलीला मैदान में लगा गंदगी का ढेर। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। कुमाऊं के प्रवेशद्वार हल्द्वानी के मुख्य बाजार से जुड़ा 150 साल से ज्यादा पुराना रामलीला मैदान इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद एक संगठन की ओर से आयोजित शुद्धिकरण कार्यक्रम के बाद गुरुवार को राज्यसभा में भी इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व से जुड़ी जगह का नाम सुनाई दिया।
जिसके बाद हल्द्वानी से बाहर के लोग भी इंटरनेट मीडिया पर रामलीला मैदान को सर्च करने लग गए। लेकिन हैरानी और चिंता की बात यह है कि सत्ता औैर विपक्ष जिस मैदान के नाम पर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में जुटे हैं। उस पर नशेड़ियों और गंदगी का कब्जा हो चुका है। लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं।
रामलीला मैदान पहुंची जागरण टीम
रामलीला मैदान से शुरू हुई राजनीतिक बहस के बाद गुरुवार दोपहर जागरण टीम रामलीला मैदान पहुंची थी। मुख्य कक्ष में बीएलओ एसआइआर से जुटे काम मेे जुटे थे। पार्किंग से जुड़े लोग गाड़ियां खड़ी कराने के नाम पर पर्ची काटते नजर आए। लेकिन अलग-अलग हिस्सों पर नजर दौड़ाने पर पता चला कि हल्द्वानी में रामलीला मंचन की जिस मैदान से कभी शुरूआत हुई थी।
वह बदहाली के आंसू रो रहा। नशेड़ियों के इस्तेमाल किए गए सीरिंज और दवा से जुड़ी शीशीयां इधर-उधर बिखरी पड़ी थी। कहीं शराब तो कहीं बीयर की खाली बोतलें और पीने के बाद फेंके गए गिलास नजर आए। इसके अलावा गंदगी के ढेर भी देखने को मिले। वहीं, पूर्व में रामलीला कमेटी को लेकर उठे विवाद के बाद से रिसीवर के तौर पर प्रशासन रामलीला मैदान की जिम्मेदारी संभाल रहा है।
रामलीला मैदान की व्यवस्था प्रशासन देखता है। बड़े कार्यक्रमों के आयोजन के लिए अनुमति लेनी पड़ती है। परिसर से जुड़ी जगह पर मंदिर होने के कारण अक्सर लोग पूजा व धार्मिक अनुष्ठान को पहुंचते हैं। इसके लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं है।पीआरडी जवानों को हटाकर अब यहां रिटायर सैन्यकर्मियों की सुरक्षा में ड्यूटी लगाई जाती है। - एपी वाजपेयी, सिटी मजिस्ट्रेट (प्रशासक रामलीला मैदान)
अप्रैल में जागरण ने उठाया था मुद्दा
जागरण आपके द्वार कार्यक्रम के तहत छह अप्रैल 2026 को दैनिक जागरण ने रामलीला मैदान की बदहाली को प्रमुखता से उजागर किया था। स्थानीय लोगों ने कहा था कि मैदान और आसपास का इलाका अराजक तत्वों और नशेड़ियों का गढ़ बन चुका है। खबर छपने के बाद कुछ दिन पुलिस ने गश्त भी की। लेकिन बाद में फिर वही हाल हो गया।
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