Mallikarjun Shuddhikaran Controversy: उत्तराखंड में आक्रामक हुई कांग्रेस, पीएम मोदी-सीएम धामी से जवाब मांगा
Mallikarjun Haldwani Rally Shuddhikaran: खरगे की रैली के बाद हल्द्वानी में हुए शुद्धीकरण कार्यक्रम पर कांग्रेस आक्रामक हो गई है।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। Haldwani Ramlila Ground purification news: रामलीला मैदान में आठ अगस्त को विजय शंखनाद रैली के दो दिन बाद हुए शुद्धीकरण हवन कार्यक्रम को गुरुवार को राज्यसभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में उठाया तो राजनीति गर्मा गई। अब उत्तराखंड कांग्रेस भी आक्रामक भूमिका में आ गई है।
प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा को सवालों के घेरे में खड़े करते हुए कहा कि शुद्धीकरण कार्यक्रम से भाजपा की संकीर्ण और दलित विरोधी मानसिकता सामने आ चुकी है। पीएम मोदी और सीएम धामी से जवाब मांगते हुए वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि जातिवादी मानसिकता के विरुद्ध् कांग्रेस सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रखेगी।
हल्द्वानी में थी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे की रैली
आठ अगस्त को रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे की रैली थी। आयोजन के बाद इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो को लेकर भाजपा ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समर्थित धार्मिक नारेबाजी की गई। जबकि कांग्रेस ने वीडियो से एआई से तैयार बताते हुए पुलिस बहुद्देश्यीय भवन का घेराव कर अफवाह फैलाने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर डाली।
वहीं, दस अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास नाम के संगठन ने रामलीला मैदान में हवन कार्यक्रम करते हुए कहा कि यह स्थान धार्मिक कार्यों के संचालन से जुड़ा है। हिंदू आस्था का अपमान करने वाले लोग कांग्रेस के मंच पर थे। इसलिए शुद्धीकरण हवन किया गया।
यह भी पढ़ें- कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड में ली नेताओं की बैठक, दिया विनर प्लान
कांग्रेस का कहना था कि मंच पर मौजूद खरगे, प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल दलित समाज से आते हैं। भाजपाई शुरू से दलित विरोधी मानसिकता के है। हवन और गंगाजल के छिड़काव से यह बात साबित भी हो गई। वहीं, गुरुवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत में प्रभारी सैलजा ने कहा कि भाजपा जब स्वयं कुछ नहीं कर पाती तो अपने अराजक तत्वों को आगे कर देती है।
दून में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और हल्द्वानी में खरगे की रैली को विफल करने के प्रशासन और सत्ता से जुड़े लोगों ने हरसंभव प्रयास किए थे। लेकिन कांग्रेस को मिले जनसमर्थन की वजह से यह संभव नहीं हो सका। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि शुद्धीकरण कार्यक्रम ने पूरे उत्तराखंड को शर्मसार किया है। राज्य के अनुसूचित वर्ग के लोगों की इस नफरती चेहरे को पहचानना होगा।
खरगे के साथ गरीब, दलित और वंचितों का भी अपमान: आर्य
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि इस देश के गरीबों, दलितों और वंचितों का अपमान है। उत्तराखंड की पहचान सामाजिक समरसता, भाईचारे और लोकतांत्रिक भूमि के तौर पर है। भाजपा को पूरे मामले में जनता के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए।
यह भी पढ़ें- रेखा आर्य ने मल्लिकार्जुन खरगे पर किया पलटवार, बोलीं- उनके आरोप सफेद झूठ, देवभूमि को बांटने की कोशिश
पूर्व सीएम हरदा बोले, जातिगत मानसिकता से ग्रस्त लोग रामभक्त नहीं हो सकते
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि 21वीं सदी में ऐसी सोच की कल्पना नहीं की जा सकती है। भगवन श्रीराम ने केवट को सखा और शबरी को मां कहा था। इसलिए राम हर युग में पूजे जाते हैं। सत्तारूढ़ दल को ऐसे लोगों संग अपने संबंधों में सफाई देनी चाहिए। जातिगत मानसिकता से जुड़े लोग किसी हाल में रामभक्त नहीं हो सकते।
हल्द्वानी में जो हुआ वो देश के लिए सही नहीं: सुमित
हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि भाजपा की विचारधारा को मानने वाले लोगों ने धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश की। हल्द्वानी में जो हुआ वो देश के लिए सही नहीं है। शुद्धीकरण आयोजन में शामिल लोगों की गिरफ्तारी होनी चाहिए।
राष्ट्रपति को ज्ञापन, थाने में तहरीर नहीं
बुधवार को कांग्रेसियों ने इस मामले को लेकर बुद्ध् पार्क में धरना देने के बाद प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज निष्पक्ष जांच व कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। यद्यपि स्थानीय थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई। गुरुवार को सदन में मुद्दा उठने से कांग्रेस को लगता है कि अब उच्च स्तर से कार्रवाई के निर्देश जारी होंगे।
