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उत्तराखंड को मिली बड़ी सौगात, कुमाऊं में बनेगा बाईपास... हल्द्वानी तक जाम से छुट्टी

Published: Sat, 12 Sep 2026 02:41 PM (GMT+05:30)

लालकुआं और हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास परियोजनाओं को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है, जिससे इन शहरों को भारी यातायात और जाम से राहत मिलेगी।

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संक्षेप में पढ़ें

संवाद सहयोगी, लालकुआं । शहर को जाम और भारी वाहनों के दबाव से राहत दिलाने वाली प्रस्तावित लालकुआं बाईपास परियोजना को केंद्र से मंजूरी मिल गई है। इसके तहत आबादी वाले हिस्से को बचाते हुए 5.277 किलोमीटर नया मार्ग बनाया जाएगा। पूरी परियोजना की लंबाई 7.2 किलोमीटर होगी और इसे चार लेन और पक्के किनारों के साथ विकसित किया जाएगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसा लालकुआं प्रमुख परिवहन, व्यापार और औद्योगिक क्षेत्र है। करीब 1.30 किलोमीटर लंबे आबादी वाले हिस्से में सड़क के दोनों ओर भवन होने से कई स्थानों पर सड़क की उपलब्ध चौड़ाई महज 18 से 20 मीटर है। इससे आए दिन जाम की स्थिति रहती है।

कारोबारियों के साथ कुमाऊं भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाईपास बनने से भारी और बाहरी यातायात शहर के बाहर से गुजर सकेगा, जिससे जाम से राहत मिलेगी।

रुद्रपुर और काशीपुर रेल लाइन के ऊपर से निकलेगा बाईपास

बाईपास परियोजना में तीन छोटे पुल, दो चार लेन के रेलवे पुल और चार वाहन अंडरपास प्रस्तावित हैं। नगला बाईपास के पास करीब 90 डिग्री के तीखे मोड़ को भी सीधा किया जाएगा। इसके लिए टांडा क्षेत्र में करीब 600 मीटर मार्ग में बदलाव किया जाएगा।

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31.40 हेक्टेयर जमीन की जरूरत

परियोजना के लिए 31.40 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी, जिसमें 23.5 हेक्टेयर वन क्षेत्र शामिल है। सड़क की प्रस्तावित सीमा 45 मीटर होगी। इसके लिए वन विभाग और रेलवे की अनुमति के साथ वन्यजीव संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र भी लेना होगा। मार्ग स्वीकृत होने के बाद अब जमीन अधिग्रहण के लिए 3ए और 3डी की कार्रवाई शुरू होगी। इसके साथ वन स्वीकृति सहित अन्य वैधानिक अनुमतियां भी ली जाएंगी।

पंतनगर क्षेत्र में भी विकल्प तलाशने के निर्देश

समिति ने पंतनगर एयरपोर्ट के आसपास मार्ग में बदलाव की संभावना तलाशने के निर्देश भी दिए हैं। इसके लिए जमीन की उपलब्धता, मौजूदा निर्माण, यातायात और सड़क की बनावट को ध्यान में रखकर संभावना जांची जाएगी।

हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास को मंजूरी, जाम से मिलेगी राहत, गौला पर बनेगा नया पुल

जागरण संवाददाता, लालकुआं: हल्द्वानी और काठगोदाम के बीच बढ़ते यातायात दबाव को कम करने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास परियोजना को मंजूरी मिल गई है। करीब 8.4 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण से शहर के इस व्यस्त हिस्से में यातायात व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिलेगी। परियोजना में मौजूदा सड़क को चार लेन करने के साथ गौला नदी पर नया दो लेन का प्रमुख पुल बनाने का प्रस्ताव है। बाईपास के तहत करीब 1.4 किलोमीटर हिस्से में मार्ग में बदलाव भी किया जाएगा।

स्टेडियम से काठगोदाम गौला पुल तक सड़क फोर लेन होगी

परियोजना के तहत हल्द्वानी स्टेडियम से गौला पुल काठगोदाम तक सड़क को चार लेन किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में सीमित सड़क चौड़ाई और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण कई स्थानों पर यातायात धीमा पड़ जाता है। चार लेन सड़क बनने के बाद वाहनों को आवाजाही के लिए अधिक जगह मिलेगी और यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

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गौला पर बनेगा नया दो लेन पुल

परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा गौला नदी पर प्रस्तावित नया दो लेन पुल है। पुल बनने से नदी पार करने वाले यातायात के लिए अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे मौजूदा पुल और आसपास के मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। बरसात के दौरान भी गौला नदी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था के लिहाज से यह पुल अहम साबित हो सकता है।

1.4 किलोमीटर मार्ग में होगा बदलाव

बाईपास परियोजना में करीब 1.4 किलोमीटर हिस्से में सड़क के मार्ग में बदलाव प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य यातायात के प्रवाह को बेहतर करना और सड़क को परियोजना के अनुरूप विकसित करना है। नए संरेखण से बाईपास को अधिक उपयोगी और सुगम बनाने की कोशिश की जाएगी।

बहुत लंबे समय से लालकुआं बाईपास हल्द्वानी बाईपास के चौड़ीकरण की मांग थी, जिसकी डीपीआर तैयार हो गई है, इसके अलावा हल्द्वानी स्टेडियम से काठगोदाम गौला पुल तक सड़क फोर लेन की जा जाएगी, जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
-अजय टम्टा, केंद्रीय राज्य मंत्री