यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रामनगर में भीषण आग से 40 झोपडि़यां जलकर राख, श्रमिकों की भस्म हो गई सारी कमाई
दोपहर के समय कालू सिद्ध नयी बस्ती में अचानक से आग लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल ...और पढ़ें

रामनगर, जेएनएन : गर्मी बढ़ने के साथ ही आगजनी की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। कहीं खेतों में खड़ी फसल जलकर राख हो जा रही है, तो कहीं लोगों के आसियाने बर्बाद हो जा रहे हैं। रविवार को कालू सिद्ध नयी बस्ती में अचानक कई झोपड़ीयों में आग लगने के कारण 40 से अधिक झोपडि़यां जलकर राख हो गईं। शुरुआत में लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन लपटें इतनी विकराल थीं कि आग बढ़ती ही चली गई। वहीं सूचना पर पहुंचे अग्निशमन कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से कोसी के मजदूरों का सबकुछ जलकर राख हो गया है।
दोपहर के समय कालू सिद्ध नयी बस्ती में अचानक से आग लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप अख्तियार कर लिया। मौके पर अफरा तरफ का माहौल हो गया। लोगों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू की लेकिन कड़ी धूप आैर हवा के कारण आग फैलने लगी। किसी ने अग्निशमन विभाग को घटना की सूचना दी। वहीं मौके पर पहुंचे अग्नि शमन विभाग के कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। तब तक 40 से अधिक घर जलकर राख हो चुके थे।
सिलेंडर ने आग और भड़काया
आग लगने के बाद झोपडि़यों में रखे तीन सिलेंडरों में भी आग पकड़ ली। तीनों सिलेंडरों के ब्लास्ट होने से आग की लपटें और विकराल हो गईं। लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई।
श्रमिकों ने पुनर्वास की मांग की
अग्निकांड में गरीबों का सबकुछ जलकर राख हो गया है। अब उनके पास न रहने के लिए छत न ही बिछाने के लिए बिस्तर और खाने के लिए भोजन। उन्होंने प्रशासन से पुनर्वास की मांग करने के साथ ही भोजन का प्रबंध भी कराने की मांग की है।
