कुमाऊं के प्रवेशद्वार हल्द्वानी की कनेक्टिविटी को होगी बेहतर, 29 किमी फोरलेन से आसान होगी कार्बेट पार्क की राह
हल्द्वानी से कालाढूंगी तक 29 किमी सड़क को फोरलेन करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे कुमाऊं की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।


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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। लोनिवि की योजना के परवान चढ़ने पर पर्यटकों के लिए कार्बेट की राह आसान होने के साथ हल्द्वानी तक का सफर जाम मुक्त होने के कारण आरामदायक भी रहेगा।
कुमाऊं के प्रवेशद्वार हल्द्वानी की कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए कालाढूंगी तक 29 किमी लंबी सड़क को टू लेन से फोरलने करने की कवायद शुरू हो चुकी है। विभागीय स्तर पर इसे लेकर गंभीरता से मंथन किया जा रहा है। सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर वनभूमि के साथ ही निजी भूमि की पैमाइश भी की जाएगी। ताकि भूमि अधिग्रहण हो सके।
29 किमी लंबी सड़क होगी फोरलेन
हल्द्वानी से कालाढूंगी के बीच आबादी लगातार बढ़ रही है। कालाढूंगी में मुख्य बाजार और तहसील होने के कारण रोजाना यहां भीड़ की स्थिति रहती है। दूसरी तरफ हल्द्वानी के रास्ते कार्बेट जाने वाले पर्यटकों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।
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रामनगर, काशीपुर, जसपुर, हरिद्वार, देहरादून, गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ उत्तर प्रदेश के नजीमाबाद-बिजनौर जनपद के लोग भी हल्द्वानी आने-जाने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई सात मीटर यानी टू लेन है।
ईई प्रत्यूष कुमार के अनुसार भविष्य में फोरलेन करने को लेकर विभागीय स्तर पर गंभीरता से मंथन किया जा रहा है। जिसके बाद डामर वाला हिस्सा 14 मीटर हो जाएगा। कालाढूंगी से रामनगर की दूरी करीब 29 किमी है। पूर्व में ट्रैफिक सर्वे के दौरान लामाचौड़ क्षेत्र में रोजाना 9729 और कालाढूंगी से आगे स्थित नयागांव इलाके में 21870 वाहनों की आवाजाही सामने आई है।
चोरगलिया तक लोनिवि आगे एनएचएआइ का काम
गौलापार से चोरगलिया तक 30 किमी लंबी सड़क को फोरलेन करने के लिए विभागीय सर्वे के तहत अभी पेड़ों की गणना हुई है। करीब सात हजार पेड़ जद में आएंगे। चोरगलिया के बाद सितारगंज सीमा शुरू होते ही आगे खटीमा तक एनएचएआइ के पास चौड़ीकरण की जिम्मेदारी होगी। गौलापार-चाेरगलिया वाले हिस्से को लेकर अभी लागत का आकलन होना बाकी है।
