हल्द्वानी में जाम देख एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी का पारा हाई, बोले- 'मुझे शर्म आती है'
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने हल्द्वानी में निजी बसों की अवैध पार्किंग से लगे जाम पर गहरा गुस्सा व्यक्त किया। ...और पढ़ें

हल्द्वानी कोतवाली सभागार में आयोजित मासिक क्राइम बैठक में उत्कृष्ठ कार्य के लिए पुलिस कर्मी को पुरस्कृत करते एसएसपी मंजुनाथ टीसी। सौ. विभाग

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। शहर में निजी बस संचालकों की मनमानी और अवैध पार्किंग से लग रहे जाम पर मंगलवार को एसएसपी डा. मंजुनाथ टीसी का गुस्सा फूट पड़ा। अपराध समीक्षा बैठक में उन्होंने कोतवाल, यातायात निरीक्षक (टीआई), सीपीयू प्रभारी, भोटियापड़ाव और मंडी चौकी प्रभारी को जमकर फटकार लगाई।
बोले, शहीद पार्क के सामने ठंडी सड़क को निजी बस चालकों ने अवैध पार्किंग का अड्डा बना रखा है। इसके अलावा शाम को बाहरी राज्यों से आने वाले निजी बस चालक जगह-जगह बसों को रोककर सवारियां भर रहे हैं, जिससे जाम लग रहा है। एसएसपी बोले, तुम्हें शर्म नहीं आती होगी, लेकिन मुझे आती है। उन्होंने व्यवस्था सुधारने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए वीकेंड से पहले कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
चेतावनी दी कि इसके बाद भी जाम मिला तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। बैठक में एसपी क्राइम डा. जगदीश चंद्र, एसपी संचार रेवाधर मठपाल, संयुक्त निदेशक विधि हीरा सिंह राणा, सीओ रामनगर रविकांत सेमवाल, सीओ लालकुआं विमल प्रसाद, मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार और सीओ नैनीताल अंजना नेगी आदि रहे।
अवैध पार्किंग पर चढ़ा पारा, मंडी चौकी प्रभारी को फटकारा
कोतवाली हल्द्वानी के मीटिंग हाल में एसएसपी ने पूछा कि ठंडी सड़क पर पहले दो-तीन बसें खड़ी होती थीं, अब दर्जनों बसें किसके इशारे पर खड़ी हो रही हैं? सड़क के दोनों ओर बसें खड़ी होने से दोपहिया वाहनों के निकलने तक की जगह नहीं बचती, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं होती? उन्होंने कहा कि या तो पुलिसकर्मी जानबूझकर अनजान बने हुए हैं या पार्किंग के एवज में अपना हित साध रहे हैं।
ठंडी सड़क को तत्काल खाली कराने और यातायात बाधित करने वाले बस चालकों पर कार्रवाई के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि वहां एक भी बस खड़ी नहीं दिखनी चाहिए। मंडी चौकी क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर बसें खड़ी होने पर चौकी प्रभारी को भी फटकार लगाई।
क्या ट्रैफिक की जिम्मेदारी सिर्फ मेरी और जगदीश की है: एसएसपी
यातायात निरीक्षक, सीपीयू और थाना-चौकी प्रभारियों से एसएसपी ने सवाल किया कि क्या शहर की यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी सिर्फ उनकी और एसपी क्राइम डा. जगदीश चंद्र की है? कहा वीकेंड पर आम जनता के वाहनों पर पाबंदियां लगाई जाती हैं, इसके बाद भी निजी और डबल डेकर बसें शहर में जगह-जगह सवारियां भरती और उतारती नजर आते हैं।
नैनीताल जिला जहां विपरीत दिशा में खड़ी होती हैं बसें
एसएसपी ने अपने कार्यालय के बाहर विपरीत दिशा में खड़ी होने वाली बसों पर भी नाराजगी जताई। कहा कि प्रदेश में नैनीताल ऐसा जिला है, जहां बसें विपरीत दिशा में खड़ी हो रही हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से सवाल किया अगर किसी ने गलत दिशा में कहीं खड़ी बसें देखी हैं तो जवाब दें, हर कोई चुप रहा।
तिकोनिया से शहर में भारी वाहनों की नो एंट्री
कहा कि तिकोनिया से शहर और बाजार की ओर कोई भारी वाहन दाखिल नहीं होना चाहिए। सिडकुल की बसों को छूट रहेगी, लेकिन इन्हें संबंधित कंपनी का स्टीकर लगाना अनिवार्य होगा। काठगोदाम से आने वाली निजी बसों को शहर में जगह-जगह सवारियां भरने से रोकने और गौलापार के रास्ते भेजने की व्यवस्था करने को कहा।
निजी बस अड्डों की होगी जांच
ठंडी सड़क और मंडी बाइपास पर होंडा शोरूम के पास खड़ी होकर सवारियां भरने वाली बसों के निर्धारित अड्डों और दस्तावेजों की जांच होगी। नियम तोड़ने वाले संचालकों को नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने कहा कि कैंची धाम, नैनीताल और काठगोदाम समेत प्रमुख मार्गों पर जाम रोकना संबंधित थाना-चौकी प्रभारियों की भी जिम्मेदारी है। शहर में दोबारा जाम मिला तो सख्त कार्रवाई होगी।
महिला दारोगा थप्पड़ की गूंज भी बैठक में गूंजी
बैठक में राजपुरा चौकी प्रभारी महिला दारोगा को थप्पड़ मारने का मामला भी उठा। महिला दारोगा ने एसओजी में तैनात सिपाही पर गाली-गलौज, मारपीट और पिस्टल तानकर धमकाने का आरोप लगाया था। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सिपाही को निलंबित किया गया था। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को अनुशासन बनाए रखने की हिदायत देते हुए स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
त्योहार और विधानसभा सत्र को लेकर भी निर्देश
धनतेरस, दीपावली, भैया दूज और विधानसभा सत्र के मद्देनजर बाजारों में पर्याप्त पुलिस बल, नियमित गश्त और चेकिंग के निर्देश दिए। जुआ-सट्टा, नशा तस्करी और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई करने को कहा।
साथ ही जिले के कुछ थानों में लंबित विवेचनाएं सामने आईं, जिसे देख एसएसपी ने गहरी नाराजगी जताई और अधिकारियों को लताड़ लगाई। उन्होंने लंबित विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण, महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई और साइबर ठगी की शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश भी दिए। बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 36 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
