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हल्द्वानी फ्लाईओवर: 81 लाख के सर्वे के बाद भी नहीं बन पाए, जानें क्यों रुका प्रोजेक्ट?

Published: Thu, 22 Oct 2026 11:38 AM (IST)

हल्द्वानी में फ्लाईओवर निर्माण की संभावनाओं पर 81.42 लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन उच्च लागत और व्यापारियों के विरोध के कारण परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई।

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी । कुमाऊं के प्रवेशद्वार हल्द्वानी को जाम से मुक्ति दिलाने और बड़े शहरों की तर्ज पर सुविधाएं विकसित करने के लिए 2023 में फ्लाईओवर की संभावनाओं को तलाशने के लिए 81.42 लाख रुपये खर्च हुए थे।

फिजिबिलिटी टेस्ट की रिपोर्ट के आधार पर शहर की भीड़-भाड़ दो सड़कों को चुना गया। बजट के प्राथमिक आकलन के बाद पता चला कि प्रोजेक्ट को पूरा करने पर करीब 250 करोड़ की जरूरत पड़ेगी, जिसके बाद प्रोजेक्ट ही ठंडे बस्ते में चला गया। व्यापारियों के विरोध की वजह से भी यह मामला आगे नहीं बढ़ सका।

हल्द्वानी में फ्लाईओवर निर्माण की संभावनाओं को तलाशने के लिए नवंबर 2022 में शासन से बजट स्वीकृत हुआ था, जिसके बाद नैनीताल रोड, रामपुर रोड, कालाढूंगी रोड, कुसुमखेड़ा औैर लामाचौड़ क्षेत्र में गुरुग्राम की एक निजी कंपनी को फिजिबिलिटी टेस्ट का जिम्मा सौंपा गया।

2023 में सार्वजनिक हुई रिपोर्ट में लोनिवि ने कहा कि नैनीताल रोड पर मंडी बाइपास से तिकोनिया और कालाढूंगी रोड पर जेल रोड चौराहे से ऊंचापुल तक फ्लाईओवर बन सकता है। निर्माण में करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दूसरी तरफ व्यापारिक संगठन प्रोजेक्ट के विरोध में उतर आए। इनका कहना था कि फ्लाईओवर के चक्कर में कारोबार प्रभावित होगा। इसके बाद धीरे-धीरे प्रोजेक्ट चर्चा से ही बाहर हो गया।

मुखानी में चार मीटर जमीन की तलाश

मुखानी चौराहे का मामला हाई कोर्ट में भी चल रहा है। यहां अक्सर जाम की स्थिति देखने को मिलती है। वर्तमान में सड़क करीब 20 मीटर है। एशियन डेवलेपमेंट बैंक से मिले बजट के आधार पर यूयूएसडीए को कालूसिद्ध् मंदिर से कमलुवागांजा तक सड़क चौड़ीकरण और सुंदरीकरण का काम सौंपा गया है।

सड़क के मध्ये से दोनों तरफ 12-12 मीटर हिस्सा चाहिए, जबकि मुखानी चौराहे पर वर्तमान में सड़क की चौड़ाई करीब 20 मीटर है। ईई लोनिवि प्रत्यूष कुमार के अनुसार राजस्व विभाग की मदद से जमीन संबंधी रिकार्ड चेक किए जा रहे हैं। ताकि पता चल सके आवश्यक भूमि किसके स्वामित्व से जुड़ी है।

फोरलने प्रोजेक्ट में अधिग्रहण पर खर्च हो जाते 450 करोड़

फ्लाईओवर सर्वे के साथ ही जिला प्रशासन के निर्देश पर हल्द्वानी में कालाढूंगी और नैनीताल रोड को फोरलेन बनाने पर का सर्वे भी हुआ था। इसके लिए निजी जमीन और भवनों का अधिग्रहण भी किया जाता। 2023 में जब सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजे की रकम जोड़ी गई तो खर्चा 450 करोड़ पहुंच गया, जिसके बाद फ्लाईओवर को आगे बढ़ाने की बात कही गई, लेकिन कुछ समय बाद यह प्रोजेक्ट भी डंप हो गया।

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