हल्द्वानी क्रिकेट लीग ठगी: ठग के बदले बयान, पूछताछ में बताई कुछ और ही कहानी
हल्द्वानी में एपिक क्रिकेट लीग के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले आयोजक विकास ढाका को पुलिस ने गिरफ्तार ...और पढ़ें

हल्द्वानी में एपिक क्रिकेट लीग को लेकर धोखाधड़ी। प्रतीकात्मक

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में क्रिकेट लीग के आयोजन के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले विकास ढाका के पुलिस पूछताछ में भी बयान बदलते रहे। मंगलवार को पहला मैच रद होने पर उसने लोगों से कहा था कि पार्टनर प्रमोद सिंह की दिल्ली में मौत होने की वजह से लीग स्थगित हुई है। लेकिन गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत में की गई पूछताछ में कहने लगा कि सांझेदार बंगलुरू में रहते थे। पुष्टि के लिए पुलिस ने स्थानीय पता देने को कहा तो बयान बदलते हुए कहने लगा कि प्रमोद तो सिडनी (आस्ट्रेलिया) गया हुआ था।
नोएडा के सेक्टर ए-162 निवासी विकास ढाका ने हल्द्वानी में ईवीसीएल (एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग) के नाम पर प्रतिष्ठित लोगों को अपने झांसे में लेकर पैसे भी लिए थे। पूर्व विधायक नारायण पाल से तीन लाख नकद दिए तो छह लाख प्रचार-प्रसार व होर्डिंग आदि पर खर्च किए। इसके अलावा हरियाणा के झज्जर निवासी कारोबारी हेमंत शर्मा का कहना था कि उनसे 32 लाख रुपये लिए थे। पैसों के ऐवज में पूर्व विधायक को उत्तराखंड सोल्जर और शर्मा को यूपी वारियर्स नाम की टीम की फ्रेंचाइजी देने का वादा किया था।
लोगों को विश्वास में लेने के लिए आयोजक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से जुड़े बड़े नामों का सहारा भी लिया। लेकिन तीन फरवरी की शाम लीग का पहला मैच रद होने पर स्टेडियम में हंगामा खड़ा हो गया। उस दौरान विकास ढाका ने कहा था कि दिल्ली में पार्टनर प्रमोद सिंह की हार्ट अटैक से मौत होने के कारण लीग का शुभारंभ नहीं हो सका। लेकिन इसके बाद लिखित शिकायत पहुंचने पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने आयोजक को गिरफ्तार भी कर लिया। हिरासत के दौरान भी वह अपने बयान लगातार बदल रहा था।
वीआइपी ड्यूटी के कारण पुलिस ने नहीं दी फोर्स
गौलापार स्टेडियम में बड़ा आयोजन होने के कारण स्थिति संभालने के लिए फोर्स की जरूरत भी थी। आयोजक ने इसके लिए पुलिस को पत्र लिखा था। मामले को लेकर एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल का कहना है कि तीन से पांच फरवरी के बीच जिले में वीआइपी कार्यक्रम होने के कारण ढाका को मना कर दिया गया था। लेकिन उससे कहा गया था कि कम से कम 160 निजी सुरक्षाकर्मी उसे मैच शुरू होने से पहले तैनात करने पड़ेंगे। जो कि गेट से लेकर दर्शक दीर्घा तक ड्यूटी करते।
जरूर पड़ने पर जेल पूछताछ करेगी पुलिस
आयोजक विकास ढाका ने बड़े क्रिकेटरों का नाम लेकर हल्द्वानी के लोगों को झांसे में लिया था। किसी से पैसे लिए तो प्रचार के लिए भी चेहरों का इस्तेमाल किया। ताकि शहर के लोगों को लगे कि वाकये में बड़ा कार्यक्रम होना है। प्रकरण से जुड़े सवालों का जवाब लेने के लिए जरूर पड़ी तो पुलिस उससे पूछताछ करने को जेल में पहुंचेगी।
