उत्तराखंड में क्रिकेट लीग के नाम पर लाखों की ठगी, पूर्व विधायक नारायण ने दर्ज कराया केस
हल्द्वानी में प्रस्तावित ईवीसीएल क्रिकेट लीग विवादों में घिर गई है। आयोजक विकास ढाका पर फ्रेंचाइजी के नाम पर लाखों ...और पढ़ें

दो टीम मालिकों ने एसएसपी से की थी गुरुवार को शिकायत। प्रतीकात्मक

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। गोलापार स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित ईवीसीएल (एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग) अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। लीग के आयोजक और मालिक विकास ढाका पर फ्रेंचाइजी के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगे हैं। सितारगंज पूर्व विधायक नारायण पाल वह हरियाणा के एक युवक से 32 लाख की धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज हो गया है।
गुरुवार को इस संबंध में दो अलग-अलग टीम मालिकों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। जिसपर फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर लिए लाखों रुपये लेने की पहली शिकायत पूर्व विधायक सितारगंज नारायण पाल ने दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने ईवीसीएल में उत्तराखंड सोल्जर्स टीम खरीदी थी। आयोजक विकास ढाका ने 50 लाख की फ्रेंचाइजी फीस पर 10 लाख रुपये की छूट देकर सौदा तय किया। पीड़ित के अनुसार उन्होंने तीन लाख रुपये नकद और छह लाख रुपये हल्द्वानी में होल्डिंग कार्य के माध्यम से कुल नौ लाख रुपये का भुगतान किया, लेकिन इसके बाद आयोजक ने टूर्नामेंट शुरू नहीं कराया और रकम वापस करने से भी इंकार कर रहा है।
दूसरे टीम मालिक से 23 लाख की ठगी का आरोप
दूसरी तहरीर में हेमंत शर्मा जो यूपी वारियर टीम के मालिक हैं ने बताया कि उन्होंने फ्रेंचाइजी के लिए अलग-अलग माध्यमों से कुल 23 लाख रुपये का भुगतान किया। इनमें 18 लाख रुपये आयोजक के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए, जबकि पांच लाख रुपये होटल में क्रेडिट कार्ड से भुगतान किए गए। दोनों ने कहा कि ईवीसीएल के मालिक ने इंटरनेशनल खिलाड़ियों के नाम उन्हें झांसा दिया था। दोनों शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आयोजक ने दावा किया गया था कि लीग में इरफान पठान, हरभजन सिंह, प्रवीन कुमार समेत कई अंतरराष्ट्रीय व रणजी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। लेकिन बाद में पता चला कि किसी भी खिलाड़ी को आयोजन के लिए आधिकारिक रूप से सूचित तक नहीं किया गया था।
निर्धारित तिथि पर टूर्नामेंट भी नहीं हुआ शुरू
शिकायत में बताया गया कि टूर्नामेंट की शुरुआत जक फरवरी से तय थी, लेकिन आयोजन समय पर शुरू नहीं हुआ। आयोजक लगातार टालमटोल करता रहा और अब भुगतान की गई रकम लौटाने से भी बच रहा है। दावा किया गया है कि विकास ढाका ने मुरादाबाद, जम्मू सहित अन्य राज्यों में ट्रायल के नाम पर खिलाड़ियों से 800 रुपये प्रति खिलाड़ी के हिसाब से भी धनराशि वसूली है। इसके अलावा टूर्नामेंट के लिए न तो कोई ड्रेस, न लोगो और न ही कोई ठोस व्यवस्था तैयार की गई थी, जिससे आयोजन शुरू से ही संदिग्ध प्रतीत हो रहा था।
