कोसी नदी पर पहली बार शुरू हुई महाआरती, सीएम धामी ने बताया नदियों को सभ्यता की जीवन रेखा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर के गिरिजा देवी मंदिर तट पर पहली कोसी नदी महाआरती को वर्चुअली संबोधित किया। ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, रामनगर (नैनीताल)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान हमारी आस्था, आध्यात्मिक पंरपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से है। हमारी नदियां केवल जल की धारा नहीं बल्कि सभ्यता, संस्कृति व जनजीवन की जीवन रेखा है।
मां कोसी का हमारे जीवन में विशेष महत्व है, मां गिरिजा देवी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था हमारी धार्मिक पंरपराओं को और अधिक समृद्ध बनाती है। रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गिरिजा देवी मंदिर के काेसी नदी के तट पर पहली बार आयोजित हुई महाआरती के शुभारंभ पर लोगों को वर्चुअली संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि मां कोसी के पावन तट पर आयोजित यह महाआरती हमारी श्रद्धा व भक्ति का प्रतीक होने के साथ ही प्रकृति संरक्षण व नदियों की स्वच्छता के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का भी संदेश देती है।
कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि नदियों की पवित्रता बनाए रखने के साथ ही आने वाली पीढ़ी के लिए भी इस अमूल्य प्रकृति व आध्यात्मिक धरोहर को सुरक्षित रखेंगे। उन्होंने गिरिजा देवी मंदिर तट पर हुई आरती के लिए सभी को शुभकामनाएं दी।
कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने, समाज में सदभाव बढ़ाने व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कोसी नदी के तट से प्रेम, सदभाव, स्वच्छता व प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश पूरे प्रदेश में पहुंचाए।
रविवार को शाम साढ़े छह बजे रामनगर के गिरिजा देवी मंदिर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोसी नदी के तट पर पहली बार गंगा की तर्ज पर मदन जोशी की ओर से भव्य आरती का आयोजन कराया गया था।
कोसी नदी के नीचे तट को फूलों की मालाओं व बिजली की झालरों से आकर्षक रूप से सजाया गया था। इसके लिए शहर में प्रचार प्रसार भी कराया गया। इस दौरान विधायक दीवान सिंह बिष्ट, मंदिर के प्रधान पुजारी मनोज चंद्र पांडे, माया रावत, मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती, आशीष ठाकुर, भावना भट, बल्देव रावत, प्रेम आर्या मौजूद रहे।
