नैनीताल, रमेश चंद्रा : जुलाई में आसमान ग्रह-नक्षत्रों से झिलमिलाता नजर आने वाला है। इस माह ग्रहों के एक सीध में आने की तीन घटनाएं होने वाली हैं। इसके अलावा आसमानी आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी। बुध दर्शन भी जुलाई को खास बनाने जा रहा है। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे के अनुसार, इस माह सबसे पहले चंद्रग्रहण की खगोलीय घटना पांच जुलाई को होने जा रही है। हालांकि इसे भारत से नहीं देखा जा सकेगा। यह उपछाया ग्रहण होगा। पुर्तगाल, स्पेन, फ्रांस, न्यूजीलैंड आदि देशों में ही इसे देखा जा सकेगा। जब यह घटना शुरू होगी, तब भारत में दिन हो चुका होगा।

चंद्रमा व गुरु के साथ होगा शनि का मिलन

डॉ. शशिभूषण पांडे ने बताया कि चंद्रग्रहण के अगले दिन छह जुलाई को चंद्रमा के साथ गुरु व शनि का मिलन होने जा रहा है। यह तीनों एक-दूसरे के बेहद करीब होंगे। आठ जुलाई को शुक्र बेहद चमकदार नजर आने वाला है। वह किसी बल्ब के समान आसमान में रोशनी बिखेरता दिखेगा। 12 जुलाई को चंद्रमा व मंगल का आच्छादन होने जा रहा है। इनकी आपसी दूरी इतनी कम होगी कि एक-दूसरे को स्पर्श करने को आतुर नजर आएंगे।

ग्रह बृहस्पति, पृथ्वी व सूर्य एक सीध होंगे

जुलाई में ही हमारे सौरमंडल के खूबसूरत ग्रहों के साथ तीन अपोजिशन की घटनाएं होने जा रही हैं। इसमें पृथ्वी व सूर्य के साथ कोई एक ग्रह एक सीध में आ जाता है। 14 जुलाई को होने जा रही इस घटना में हमारे सौर परिवार का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति, पृथ्वी व सूर्य एक सीध होंगे। पश्चिम में जब सूर्य अस्त हो रहा होगा, तो पूरब में बृहस्पति उदय हो रहा होगा और बीच में पृथ्वी होगी। बृहस्पति धरती के बेहद करीब होने के कारण काफी खूबसूरत नजर आएगा।

यह घटनाएं भी करेंगी रोमांचित

16 जुलाई को बौने ग्रह प्लूटो के साथ अपोजिशन की स्थिति बनने जा रही है। प्लूटो को देखने के लिए दूरबीन का सहारा लेना पड़ेगा। इसी क्रम में 21 जुलाई को सौरमंडल का दूसरा विशाल ग्रह शनि अपोजिशन में आएगा। यह घटना रोमांचित करने वाली होगी। इस दिन शनि हमारे काफी करीब होगा और पूरी रात देखा जा सकेगा। शनि के चमकदार छल्लों को देखने का यह शानदार मौका होगा। जिसे दूरबीन से देखा जा सकेगा।

26 की सुबह बुध ग्रह का होगा दर्शन

26 जुलाई की सुबह सूर्योदय से पूर्व बुध ग्रह के दर्शन का भी मौका होगा। बुध आसमान में क्षितिज से 17 डिग्री ऊपर होगा, जिस कारण इसे देखा सकेगा। सूर्य के करीब होने के कारण अन्य दिनों में बुध ग्रह को देख पाना आसान नहीं होता है।

आसमानी आतिशबाजी होगी खास

माह के अंत में आसमानी आतिशबाजी यानी उल्काओं की बरसात होने जा रही है, जो 28-29 की रात देखने को मिलेगी। इस घटना को देखने के लिए अंधेरी जगह पर जाना होगा। डॉ. शशिभूषण पांडे के अनुसार, उस दिन चांद का आकार इसके 66 फीसद होने कारण उल्कावृष्टि के नजारे को चंद्रमा के अस्त होने के बाद ही बखूबी देखने का मौका मिलेगा।

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Posted By: Skand Shukla

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