हल्द्वानी, जेएनएन : अनलॉक सीजन शुरू होने के बाद से बेलगाम हुआ तेंदुआ अब लगातार जंगल से आबादी की तरफ रुख कर रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में उसकी एंट्री से लोग दहशत में है। रविवार को तेंदुआ देवलचौड़ स्थित केशवकुंज कॉलोनी में पहुंच गया, जहां उसे सुबह से शाम तक तीन बार देखा गया। इन 12 घंटों के बीच तीन बार उसने दहाड़ भी लगाई। सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई, मगर पकड़ने में नाकाम रही। वहीं, तेंदुआ के आबादी में पहुंचने से लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया है। कॉलोनी के लोग घरों से निकलकर छतों पर चढ़ गए। अब वन विभाग आज ड्रोन से निगरानी करने के साथ ही उसे पकड़ने के लिए पिंजड़ा भी लगाएगा।

 

रानीबाग में महिला की जान लेने के बाद से नैनीताल रोड से लेकर कालाढूंगी रोड के गांवों में भी तेंदुए के पहुंचने से टेंशन बढ़ चुकी है। वार्ड 56 निवासी धीरज नेगी ने बताया कि सुबह छह बजे करीब तेंदुआ ओपन यूनिवर्सिटी से सटी दीवार पर बैठा हुआ नजर आया था। बगल में केशवकुंज कॉलोनी है। इसके बाद साढ़े पांच बजे फिर से कॉलोनी की तरफ पहुंच गया। इस बीच सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन तब तक वह ओझल हो चुका था। इस बीच टीम के जाते ही वह फिर से नजर आने लगा, जिससे लोगों का डर और बढ़ गया।

 

दीवार से सटी जंगल की झाड़ियों में बैठा तेंदुआ साफ नजर आया। हल्द्वानी रेंजर उमेश आर्य ने बताया कि बंदूकधारी स्टाफ होने के बावजूद इसलिए फायर नहीं किया गया, क्योंकि दूसरी तरफ भी आबादी वाला इलाका था। आशंका थी कि तेंदुआ वहां आतंक मचा सकता था। वहीं, भाजपा नेता व स्थानीय पार्षद राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि लोगों का डर खत्म करने को तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ा जाए।

 

रामपुर रोड से काठगोदाम तक आतंक

मंगलवार को गुलदार ने सोनकोट के जंगल में घास लेने गई बुजुर्ग महिला भगवती देवी की जान ले ली थी। कैमरे व पिंजड़ा लगाने के बावजूद कोई सुराग नहीं लगा। इसके दो दिन बाद शीशमहल व काठगोदाम में तेंदुए की आहट से लोग दहशत में आ गए थे। पुलिस की गाड़ी तक पर गुलदार ने हमला किया था। वहीं, सोनकोट की घटना से तीन दिन पहले गुलदार बजूनियाहल्दू में भी नजर आया था। अब देवलचौड़ के वार्ड 56 में गुलदार दिखा है।

 

कुत्तों के चक्कर में आ रहा तेंदुआ

हल्द्वानी के जिन-जिन इलाकों में गुलदार की दहाड़ सुनाई दी है। बताया जा रहा है कि वहां अब लावारिस कुत्ते भी कम दिखाई दे रहे हैं। आशंका है कि एक बार कुत्तों का शिकार करने के बाद आदतन गुलदार आबादी वाले इलाके की तरफ मूवमेंट बढ़ा रहा है।

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