नैनीताल, जेएनएन : चीन में फैले कोरोना वायरस का असर उत्तराखंड की फैक्ट्रियों पर भी पड़ने लगा है। सितारगंज में स्थित चीनी कंपनी की कंबल फैक्ट्री में सवा माह से उत्पादन बंद है। कारण कच्चे माल से भरे कंटेनरों के मुंबई बंदरगाह पर फंसा होना बताया जा रहा है। सितारगंज के औद्योगिक पार्क में योयोगो टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज कंपनी ने 2017 में फैक्ट्री लगाई थी। यहां कच्चे माल की सप्लाई चीन से होती है। हर महीने 15 से अधिक कंटेनरों में कच्चा माल यहां आता है। लेकिन, कोरोना के कारण मुंबई बंदरगाह पर कंटेनरों को सितारगंज तक लाने की अनुमति नहीं मिल पा रही है। ऐसे में उत्पादन ठप होने से यहां काम करने वाले 100 कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।

चीन गए कंपनी के कर्मचारी लौटे नहीं

योयोगो टैक्सटाइल कंपनी के एचआर मैनेजर ब्रजेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि चीन में कोरोना वायरस फैलने के बाद से कच्चे माल की सप्लाई ठप है। जो अफसर चीन गए थे, वो अभी लौटे नहीं हैं। उत्पादन ठप होने के बाद भी श्रमिकों को आधा वेतन दिया जा रहा है। धागे की सप्लाई के बाद ही उत्पादन शुरू होगा।

रुड़की में कच्चे माल की आपूर्ति ठप होने से संकट

भगवानपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव गौतम कपूर ने बताया कि दवा बनाने, सौंदर्य प्रसाधन, केमिकल से लेकर जूता उद्योग के लिए कच्चा माल चीन से नहीं आ रहा है। इससे उत्पादन ठप हो चुका है। आने वाले समय में स्थिति खराब हो सकती है।

देहरादून के सेलाकुई में भी सहमी इंडस्ट्री

चीन में फैले कोरोना वायरस का असर अब देहरादून के उद्योगों पर भी पड़ने लगा है। विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में चीन से आने वाले कच्चे माल के आयात में कमी आने लगी है। इसके चलते डिस्ट्रीब्यूटरों ने दस से पंद्रह फीसदी तक दाम बढ़ा दिए हैं। अभी पंद्रह से बीस दिन का स्टॉक तो फैक्ट्रियों के पास है, लेकिन आने वाले दिनों में फैक्ट्रियों को दिक्कत होगी। 

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Posted By: Skand Shukla

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