हल्द्वानी, जेएनएन : राज्य में अब पांचवीं पास युवा भी अप्रेंटिस कर सकेंगे। इस दौरान उन्हें प्रतिमाह छह हजार रुपये का मेहनताना (स्टाइपेंड) भी मिलेगा। साथ ही दसवीं-बारहवीं, डिग्री-डिप्लोमा धारक भी बिना आइटीआइ करे किसी उद्योग में अप्रेंटिस करने के साथ स्टाइपेंड भी पा सकेंगे। प्रशिक्षण निदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कुल कर्मचारी संख्या का ढाई फीसद अप्रेंटिस लगाना जरूरी है। पूर्व में बनाए गए नियमों के तहत सिर्फ आइटीआइ की विभिन्न ट्रेड से पास युवा ही अप्रेंटिस के तहत रोजगार पा सकते थे। मगर, अब नई योजना के तहत पांचवीं पास युवा भी न्यूनतम छह माह से अधिकतम 24 माह तक अप्रेंटिस कर सकते हैं।

केंद्र सरकार व उद्योग उठाएंगे खर्च

योजना के तहत पांचवीं पास युवा को प्रति माह पांच हजार, दसवीं पास को छह हजार, बारहवीं पास को सात हजार, डिप्लोमा धारक को आठ हजार, स्नातक पास को नौ हजार का स्टाइपेंड मिलेगा। जिसका खर्च 75 फीसद संबंधित उद्योग तो 25 फीसद केंद्र सरकार उठाएगी।  मयंक अग्रवाल, उपनिदेशक शिशिक्षु ने बताया कि नई योजना के तहत पांचवीं पास युवाओं को भी अप्रेंटिस का मौका मिलेगा। इसके लिए 300 से अधिक कोर्सेज निर्धारित किए गए हैं। पंतनगर में योजना को लेकर अहम बैठक हुई।

इन कोर्सेज में कर सकेंगे अप्रेंटिस

नई योजना में 300 से अधिक नॉन-टेक्निकल कोर्सेज को शामिल किया गया है। जिसमें अकाउंटेंसी, स्टोर, रिटेल सेक्टर, सर्विसिंग सेक्टर, हेल्थ सेक्टर, बैंकिंग, इंश्योरेंस, टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी, होटल, फार्मास्यूटिकल सेक्टर प्रमुख हैं।

पंतनगर में हुई ट्रेनिंग

योजना को लेकर प्रशिक्षण विभाग के अफसरों व विभिन्न उद्योगों से संबंधित सोसायटी के सदस्यों, उद्योग स्वामियों, आइटीआइ प्रधानाचार्यों, सिडकुल व एनएसडीएल (नेशनल स्किल डेवलपमेंट कार्पोरेशन) के प्रतिनिधियों की बैठक गुरुवार को पंतनगर में हुई। इस दौरान कई अहम निर्णय लिए गए।

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Posted By: Skand Shukla

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