विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 की तैयारी: 18 दिन बंद रहेगी ऊपरी गंगनहर, घाटों का होगा निर्माण

Published: Wed, 07 Oct 2026 10:47 AM (IST)

हरिद्वार में अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों के लिए ऊपरी गंगनहर को 18 दिनों के लिए बंद करने की अनुमति दी ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। अर्धकुंभ-2027 की तैयारियों के मद्देनजर ऊपरी गंगनहर की प्रस्तावित बंदी इस बार बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश ने ऊपरी गंगनहर को 20/21 अक्टूबर 2026 की मध्य रात से 7/8 नवंबर 2026 की मध्य रात तक बंद रखने की अनुमति दी है।

इस अवधि में नहर की मरम्मत, पुनर्स्थापना, सुदृढ़ीकरण समेत आवश्यक अनुरक्षण कार्य कराए जाएंगे। साथ ही हरिद्वार में अर्धकुंभ के तहत गंगनहर पर प्रस्तावित घाटों के निर्माण भी पूरा किया जाना है। इसके लिए मेला प्रशासन ने संबंधित विभाग को दिन रात कार्य करने के लिए अभी से तैयारी करने को कहा है।

ऊपरी गंगनहर की वार्षिक नहरबंदी को मंजूरी

उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, मुख्य अभियंता (अनु एवं मूल्यांकन), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश की संस्तुति के आधार पर ऊपरी गंगनहर की वार्षिक नहरबंदी को मंजूरी दी गई है। जिसमें कहा गया है कि बंदी की अवधि में नहर का अनुरक्षण कार्य अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाएगा।

यह भी पढ़ें- धामी सरकार का बड़ा फैसला, अर्धकुंभ और आपदा प्रभावितों के लिए 4 करोड़ से अधिक की राहत राशि मंजूर

करीब 18 दिनों की इस बंदी के दौरान गंगनहर से जुड़े विभिन्न आवश्यक कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। हरिद्वार में अर्धकुंभ 2027 के लिए गंगनहर के किनारे घाटों का निर्माण और अन्य व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं।

ऐसे में नहर में पानी का प्रवाह बंद रहने की अवधि के दौरान निर्माण एजेंसियां निर्माण कार्य सही ढंग से कर पाएंगी। पानी का प्रवाह रहने पर जिन कार्यों में बाधा आ रही थी, इस अवधि में उन कार्यों को पूरा करने की तैयारी की जा रही है। वहीं नहर बंदी के कारण सिंचाई पर निर्भर किसानों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।

यह भी पढ़ें- हरिद्वार अर्धकुंभ में रेलवे स्टेशन बनेगा धर्मनगरी का नया ‘गेटवे’, लाइटिंग से जगमगाएगा शहर... इस बार 10 प्रमुख स्नान