हरिद्वार अर्धकुंभ में रेलवे स्टेशन बनेगा धर्मनगरी का नया ‘गेटवे’, लाइटिंग से जगमगाएगा शहर... इस बार 10 प्रमुख स्नान
हरिद्वार रेलवे स्टेशन को अर्धकुंभ 2027 के लिए एक नए 'गेटवे' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें यात्री सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन को मजबूत किया जाएगा।


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शैलेंद्र गोदियाल, हरिद्वार। अर्धकुंभ 2027 में धर्मनगरी पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशन पहले पड़ाव के साथ धर्मनगरी से होने वाला पहला परिचय भी होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत किया जा रहा है।
स्टेशन पर जहां प्लेटफार्म की संख्या आठ से बढ़ाकर 10 की जा रही है, करीब 10 हजार यात्रियों की क्षमता वाला होल्डिंग एरिया, एस्केलेटर, अतिरिक्त टिकट काउंटर, डिजिटल स्क्रीन, हेल्प डेस्क, बेहतर अनाउंसमेंट प्रणाली, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा और मेडिकल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
रात में विशेष लाइटिंग और सौंदर्यीकरण के जरिए स्टेशन को हरिद्वार की आध्यात्मिक पहचान से जोड़ने की तैयारी है। हरिद्वार रेलवे स्टेशन के साथ मोतीचूर, ज्वालापुर व लक्सर रेलवे स्टेशन पर भी खास तैयारियों की जा रही हैं।
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आठ से बढ़कर 10 होंगे प्लेटफार्म
अर्धकुंभ के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन को देखते हुए स्टेशन पर प्लेटफार्म की संख्या बढ़ाई जा रही है। आठ के स्थान पर 10 प्लेटफार्म होने से एक समय में अधिक ट्रेनों को संभालने में मदद मिलेगी और प्लेटफॉर्म के इंतजार का दबाव कम किया जा सकेगा।
10 हजार यात्रियों के लिए होल्डिंग एरिया
भीड़ प्रबंधन अर्धकुंभ की सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसे देखते हुए स्टेशन पर करीब 10 हजार यात्रियों की क्षमता वाला होल्डिंग एरिया विकसित किया जा रहा है। स्नान पर्वों पर अचानक बढ़ने वाली भीड़ को व्यवस्थित रखने और स्टेशन परिसर पर दबाव कम करने में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
एस्केलेटर से आसान होगा आवागमन
प्लेटफार्म बदलने के लिए यात्रियों को सीढ़ियों की मशक्कत न करनी पड़े, इसके लिए एस्केलेटर की सुविधा विकसित की जा रही है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को विशेष राहत मिलेगी।
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टिकट और सूचना व्यवस्था होगी अच्छी
यात्रियों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त टिकट काउंटर संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही एलईडी और डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से ट्रेन, प्लेटफार्म और अन्य जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हेल्प डेस्क और विशेष सहायता काउंटर पर श्रद्धालुओं को ट्रेन, स्टेशन तथा आगे की यात्रा से संबंधित जानकारी मिलेगी।
उद्घोषणा से लेकर सुरक्षा तक इंतजाम
स्टेशन की उद्घोषणा प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को ट्रेन और प्लेटफार्म की जानकारी समय पर मिल सके। पेयजल और शौचालय सुविधाओं में सुधार के साथ सीसीटीवी, अतिरिक्त सुरक्षा बल और मेडिकल सहायता की व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी।
लाइटिंग में दिखेगी हरिद्वार की पहचान
विशेष लाइटिंग और सौंदर्यीकरण के जरिए स्टेशन को आकर्षक स्वरूप देने की तैयारी है। डिजिटल स्क्रीन और प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से यात्रियों को उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी दिखाने पर जोर है। यानी धर्मनगरी हरिद्वार का रेलवे स्टेशन प्रमुख आवागमन के केंद्र के साथ धर्मनगरी के पहले परिचय केंद्र के रूप में नजर आएगा।
रेलवे और मेला प्रशासन में समन्वय
अर्धकुंभ की तैयारियों को लेकर रेलवे और मेला प्रशासन के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है। डीआरएम व रेलवे के अन्य सीनियर अधिकारियों के साथ पांच बैठकें हो चुकी हैं। मेला प्रशासन की ओर से निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। जहां पर रेलवे को निर्माण व भूमि संबंधित जो परेशानी हो रही है उसका समाधान भी मेला प्रशासन कर रहा है। -दयानंद सरस्वती, अपर मेलाधिकारी हरिद्वार
अर्धकुंभ के प्रमुख स्नान पर्व
- 14 जनवरी 2027 - मकर संक्रांति
- 6 फरवरी - मौनी अमावस्या
- 11 फरवरी - बसंत पंचमी
- 20 फरवरी - माघ पूर्णिमा
- 6 मार्च - महाशिवरात्रि, पहला अमृत स्नान
- 8 मार्च - सोमवती अमावस्या, दूसरा अमृत स्नान
- 14 अप्रैल - मेष संक्रांति/वैशाखी, तीसरा अमृत स्नान
- 20 अप्रैल – चैत्र पूर्णिमा
- अन्य प्रमुख तिथियां: 7 अप्रैल नव संवत्सर और 15 अप्रैल रामनवमी
