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हरिद्वार अर्धकुंभ में लगेंगे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक थीम वाले भव्य स्वागत द्वार, सीसीटीवी कैमरों से होंगे लैस

Published: Thu, 24 Sep 2026 07:02 PM (IST)

हरिद्वार अर्धकुंभ में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक थीम पर आधारित थ्रीडी स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। इन ...और पढ़ें

यह फोटो एआई से बनाई गई है

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गौरव त्यागी, जागरण हरिद्वार। अर्धकुंभ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं का स्वागत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक थीम वाले द्वारों से किया जाएगा। मेला प्राधिकरण ने इसके लिए एजेंसी चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

चयनित एजेंसी प्रमुख राजमार्गों के प्रवेश बिंदुओं और मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर त्रिआयामी (थ्रीडी) स्वागत द्वार लगाएगी। ये द्वार सिर्फ सजावटी बैनर या साधारण होर्डिंग नहीं होंगे। इन्हें स्टील फ्रेमवर्क पर आधारित मजबूत संरचना के रूप में तैयार किया जाएगा, जिसमें थीम आधारित सजावट, रोशनी और सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रविधान भी रहेगा।

श्रद्धालुओं को व्यवस्थित स्वागत, मार्गदर्शन और सांस्कृतिक अनुभव देने के लिए प्रवेश बिंदुओं पर आकर्षक और सुरक्षित द्वार मेले की पहचान मजबूत करेंगे। यात्रियों को सही दिशा देंगे और धार्मिक माहौल को और गहरा बनाएंगे। रात के समय रोशनी और बैकअप बिजली व्यवस्था से सुरक्षा बढ़ेगी।

इनमें लगे सीसीटीवी कैमरे भीड़ प्रबंधन में मदद करेंगे। दूर से आने वाले यात्री इन भव्य द्वारों से मेले में प्रवेश करते ही आध्यात्मिक वातावरण महसूस करेंगे। थीम आधारित डिजाइन उन्हें गंगा, शिवलिंग, समुद्र मंथन जैसी कथाओं से जोड़ेंगे।

एजेंसी को वर्क आर्डर मिलने के 30 दिनों के अंदर सभी द्वार तैयार और चालू करने होंगे। साइट सर्वे, डिजाइन मंजूरी, निर्माण, स्थापना और रोशनी का काम इसी अवधि में पूरा करना होगा। मेला अवधि के दौरान नियमित रखरखाव, सफाई, मरम्मत और सुरक्षा एजेंसी की जिम्मेदारी होगी।

बिजली खर्च, बैकअप सिस्टम और कर्मचारियों का खर्च भी उसी में शामिल रहेगा। मेला खत्म होने के 15 दिनों के अंदर द्वार हटाकर जगह बहाल करनी होगी। संरचना की स्थिरता के लिए तीसरे पक्ष की एजेंसी या आईआईटी रूड़की जैसी संस्था से प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा। हवा के दबाव और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन तैयार होगा।

इन संभावित स्थानों पर लगेंगे द्वार

सिंह द्वार (एनएच-58 पर रायल वृंदावन होटल के पास), हरिद्वार-देहरादून रोड पर भूपतवाला चौक, बैरागी कैंप, शिवालिक नगर चौक (बीएचईएल), चंडी देवी मंदिर रोड, सहारनपुर रोड, बद्रीनाथ रोड (ऋषिकेश में लेमनट्री होटल के पास) द्वार लगेंगे।

इसके अलावा संभावित स्थानों में अलकनंदा होटल के पास, दक्ष द्वार (शंकराचार्य चौक, कनखल), पंतद्वीप पार्किंग या हरकी पैड़ी बस स्टाप, ज्वालापुर रेलवे स्टेशन और जानकी सेतु (ऋषिकेश) शामिल हैं।

इनकी चौड़ाई सात से 35 मीटर और ऊंचाई आठ से 18 मीटर तक प्रस्तावित है। वाहनों के लिए न्यूनतम छह मीटर की स्पष्ट ऊंचाई रखी जाएगी, ताकि आवागमन बाधित न हो।

ये होंगी स्वागत द्वारों की थीम

स्वागत द्वारों की थीम कुंभ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी होंगी। सुझाई गई थीमों में हरिद्वार कुंभ 2027 द्वार, मां गंगा द्वार, हर की पैड़ी द्वार, त्रिशूल द्वार, डमरू द्वार, ओम द्वार, नंदी द्वार, शिवलिंग द्वार, रुद्राक्ष द्वार, शंख द्वार, कलश द्वार शामिल हैं।

इसके अलावा अमृत कलश द्वार, समुद्र मंथन द्वार, सुदर्शन चक्र द्वार, स्वास्तिक द्वार, नाग वासुकी द्वार, कौस्तुभ द्वार, कामधेनु द्वार, कल्पवृक्ष द्वार, ऐरावत द्वार, कच्छप द्वार, मां लक्ष्मी द्वार, सूर्य द्वार, चंद्र द्वार, नीलकंठ महादेव द्वार, दक्षेश्वर महादेव द्वार, चंडी देवी द्वार, मनसा देवी द्वार, सप्तऋषि द्वार और अखाड़ा परंपरा को भी शामिल किया जाएगा। एजेंसी प्रत्येक स्थान के लिए कम से कम तीन थ्री डी डिजाइन विकल्प प्रस्तुत करेगी। अंतिम मंजूरी प्राधिकरण देगा।

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