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सुरेंद्र कोली पहचान छिपाने में कैसे हुआ कामयाब? हरिद्वार में वॉचमैन की नौकरी के बाद भी पुलिस को नहीं लगी भनक

Published: Sat, 19 Sep 2026 08:31 PM (IST)Updated: Sat, 19 Sep 2026 09:03 PM (IST)

सुरेंद्र कोली हरिद्वार में सदाराम के नाम से एक महीने से अधिक समय तक रहा और वाचमैन की नौकरी की, जिससे पुलिस के सत्यापन अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।

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HighLights

  1. सुरेंद्र कोली हरिद्वार में सदाराम के नाम से रह रहा था।

  2. एक महीने से अधिक समय तक वाचमैन की नौकरी भी की।

  3. पुलिस के साप्ताहिक सत्यापन अभियान पर गंभीर सवाल उठे।

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। सुरेंद्र कोली लगभग सवा महीने से हरिद्वार में अपनी असली पहचान छिपाकर सदाराम के नाम से रहता आ रहा था। कोली यहां किराये के मकान में रहा और एक सोसायटी में वाचमैन की नौकरी भी की, लेकिन इसके बावजूद वह पुलिस के सत्यापन अभियान की जद में नहीं आया।

इसको लेकर हर सप्ताह होने वाले सत्यापन अभियान को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस की ओर से जिले भर में हर रविवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में किरायेदारों और बाहरी लोगों के सत्यापन का अभियान चलाया जाता है।

अर्द्धकुंभ की तैयारियों के बीच लापरवाही

अभियान के दौरान मकान मालिकों को भी किरायेदारों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाते हैं। इसके बावजूद सुरेंद्र कोली जैसे चर्चित व्यक्ति का महीनों तक दूसरे नाम से रहना और नौकरी करना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

जल्द ही अर्द्धकुंभ शुरू होने वाला है, इसलिए भी यह सवाल अहम हो जाता है। अर्द्धकुंभ की तैयारियों के बीच भी आखिर सत्यापन अभियान में लापरवाही बरती जा रही है।

कोली हरिद्वार में सदाराम के नाम से रहा। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि किराये पर कमरा देते समय उसकी पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई थी या नहीं।

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पुलिस जांच में क्यों उजागर नहीं हुई पहचान

यदि दस्तावेज लिए गए थे तो उनका सत्यापन किस स्तर पर हुआ और पुलिस रिकॉर्ड में उसकी वास्तविक पहचान क्यों सामने नहीं आई। वहीं, जिस संस्थान या सोसायटी में उसने वाचमैन की नौकरी की, वहां भी नियुक्ति के समय पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच हुई थी या नहीं, यह सवाल भी महत्वपूर्ण है।

हालांकि, सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट से संबंधित मामलों में बरी किया जा चुका था और वह पेशेवर अपराधी नहीं था। बावजूद इसके, यह प्रकरण पुलिस की सत्यापन व्यवस्था के लिए अहम है। पहचान बदलकर रहने वाले किसी पेशेवर अपराधी की मौजूदगी भी इसी तरह लंबे समय तक सामने नहीं आ सकती है।

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