कोली की मौत पर गहराया रहस्य, स्वजनों को हत्या का शक
निठारी कांड के आरोपित सुरेंद्र कोली की आत्महत्या को उनके स्वजन हत्या मान रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, हरिद्वार। देश भर में चर्चित निठारी कांड के आरोपित रहे सुरेंद्र कोली की आत्महत्या की थ्योरी उसके स्वजनों के गले नहीं उतर रही है। उन्होंने साजिशन हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, अभी पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
शनिवार को जिला अस्पताल में दो डॉक्टरों के एक पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया है। खड़खड़ी श्मशान घाट पर स्वजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का पूरा सच सामने आने की उम्मीद है।
नोएडा के निठारी में साल 2006 में कई बच्चों के अपहरण व हत्या जैसे संगीन आरोपों में लगभग 20 साल जेल काटने के बाद पिछले साल सुप्रीम कोर्ट से बरी हुए सुरेंद्र कोली ने गुरुवार रात उत्तरी हरिद्वार में अपनी चाय की दुकान में रहस्यमयी परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली थी।
कोली लगभग सवा महीने से सदानंद नाम से हरिद्वार में रहता आ रहा था। पुलिस की सूचना पर कोली के तीन भाई हरीश कोली, चंदन और आनंद शुक्रवार रात दिल्ली से सुरेंद्र कोली के बेटे शिवम को लेकर हरिद्वार पहुंचे।
सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत से इन्कार कर दिया। लेकिन दबी जुबान में आत्महत्या की कहानी पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की। उनका मानना था कि सुप्रीम कोर्ट से बरी होने के बाद सुरेंद्र इस प्रकार आत्महत्या नहीं कर सकता है।
उन्होंने पुलिस को कोई लिखित तहरीर तो अभी तक नहीं दी, लेकिन जांच की जरूरत से इनकार नहीं किया। जिला अस्पताल में वीडियोग्राफी के बीच डॉक्टर रजत और डॉक्टर अनस के पैनल ने कोली के शव का पोस्टमार्टम किया है।
खड़खड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। सीओ सिटी हरिद्वार शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। फिलहाल स्वजनों की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है, तहरीर आने पर जांच की जाएगी।
दो दिन से परेशान था कोली
कोली अक्सर अल्मोड़ा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत से फोन पर बात करता था। पिछले दो दिन से वह नारायण रावत को लगातार कॉल कर रहा था।
लेकिन नारायण किसी कारण उसका फोन नहीं उठा पाए। माना जा रहा है कि कोली दो दिन से मानसिक रूप से ज्यादा परेशान था। सवाल उठ रहा है कि ऐसी कौन सी बात थी, जो दो दिन से नारायण रावत से साझा करना चाहता था। उस बात का ताल्लुक उसकी आत्महत्या से हो सकता है।
