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हरिद्वार में रह रहा था सुरेंद्र कोली, किसी को कानोंकान नहीं थी खबर

Published: Sat, 19 Sep 2026 03:29 PM (IST)

निठारी कांड के आरोपित रहे सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

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जागरण संवाददाता, हरिद्वार। देशभर में चर्चित नोएडा के निठारी कांड के आरोपित रहे सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

सुप्रीम कोर्ट से बरी होने के बाद से कोली हरिद्वार में सदाराम के नाम से रहता आ रहा था और कुछ दिन पहले ही चाय की दुकान खोली थी। दुकान में रस्सी के सहारे उसका शव लटका मिला। पुलिस ने हर पहलू पर जांच शुरू कर दी है।

चाय की दुकान में लगा ली फांसी 

शुक्रवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति ने उत्तरी हरिद्वार में सप्त सरोवर रोड पर चाय की दुकान में फांसी लगा ली है। पुलिस पहुंची तो मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली निवासी ग्राम मंगरुखाल, भिकियासेंण जिला अल्मोड़ा उत्तराखंड के रूप में हुई।

पड़ताल में सामने आया कि वह निठारी कांड का आरोपित रहा है और सुप्रीम कोर्ट ने साल 2025 में सुबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया था। कई महीनों से वह सदाराम के नाम से हरिद्वार में रहकर कभी वॉचमैन की नौकरी तो कभी चाय की ठेली लगाता आ रहा था।

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बीते छह सितंबर को परिचित धर्मेंद्र कौशिक की मदद से उसने खोखे में चाय की दुकान शुरू की थी। दुकान से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। कोली ने आत्महत्या क्यों की, इसको लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है।

पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि प्रथम दृष्टया कोली ने फांसी लगाकर खुदकुशी की है, डाक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। हर पहलू पर जांच की जा रही है।

किसी को नहीं मालूम थी असली पहचान

सदाराम असल में निठारी कांड का आरोपित रहा सुरेंद्र कोली है, हरिद्वार में यह किसी को मालूम नहीं था। शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि दुकान से एक डायरी के अलावा नोएडा के पते पर सुरेंद्र कोली के नाम से बना आधार कार्ड और अल्मोडा के पते पर सदाराम के नाम से वोटर कार्ड मिला है।

हरिद्वार में कहीं भी जरूरत पड़ने पर वह आधार कार्ड की जगह सदाराम के नाम से वोटर कार्ड का इस्तेमाल करता था। कोली के शुगर पीड़ित होने की जानकारी भी मिली है।

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रात में अल्मोड़ा की थी आखिरी कॉल

कोली ने गुरुवार की रात अपने परिचित व पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत से फोन पर बात की थी। रावत का दावा है कि कोली उनसे अक्सर फोन पर बात करता था। गुरुवार को हुई आाखिरी बातचीत के दौरान खोखे का किराया बढ़ने से कोली दुखी था। आरोप है कि इसी कारण मानसिक रूप से परेशान होकर उसने खुदकुशी की है। नारायण रावत सहित कोली के कुछ अन्य परिचितों ने विधिक राय लेकर कानूनी कार्रवाई की बात भी कही है।