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Surendra Koli Postmortem: तो क्या गर्दन की हड्डी टूटने से हुई कोली की मौत? जारी है सस्पेंस

Published: Wed, 23 Sep 2026 08:40 AM (IST)

निठारी कांड के आरोपित रहे सुरेंद्र कोली ने पिछले दिनों हरिद्वार में आत्महत्या कर ली थी।

निठारी कांड के आरोपित रहे सुरेंद्र कोली ने उत्तरी हरिद्वार में की थी खुदकुशी। फाइल फोटो

निठारी कांड के आरोपित रहे सुरेंद्र कोली ने उत्तरी हरिद्वार में की थी खुदकुशी। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, हरिद्वार। चर्चित निठारी कांड के आरोपित रहे सुरेंद्र कोली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगलवार को भी नहीं मिल सकी। ऐसा बताया गया है कि पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में शामिल रहे एक डाक्टर बीमार हैं। इसलिए पीएम रिपोर्ट जारी नहीं हो सकी। हालांकि, सूत्र बताते हैं कि पोस्टमार्टम में गर्दन की हड्डी टूटने की बात सामने आई है। इसका सीधा सा मतलब है कि फांसी पर लटकने से ही मौत हुई है।

चर्चित निठारी कांड में आरोपित रहे सुरेंद्र काेली निवासी अल्मोड़ा को साल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने बरी कर दिया था। पिछले सवा महीने से पहले हरिद्वार में सदाराम के नाम से रहता आ रहा था। बीते छह सितंबर को उसने रोशनाबाद निवासी धर्मेंद्र कौशिक की मदद से उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में चाय की दुकान शुरू की थी।

फांसी लगाकर कर ली थी खुदकुशी 

इसी दुकान में गुरुवार की रात कोली ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। जिसके बाद सदाराम की असली पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में सामने आई थी। स्वजनों और कोली के परिचित आत्महत्या पर संशय जता रहे हैं। कोली के भाई ने पुलिस को तहरीर भी दी है।

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सुरेंद्र कोली देश भर में चर्चित रह चुके निठारी कांड का आरोपित रहा है, इसलिए पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के बीच कराया है। हालांकि, मंगलवार को भी पीएम रिपोर्ट नहीं मिल सकी। अलबत्ता, सूत्र बताते हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने के चलते गर्दन की हड्डी टूटने से मौत की बात सामने आई है।

सीसीटीवी और सीडीआर से नहीं बदली दिशा

पुलिस ने घटना वाली रात के सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। गुरुवार रात कोली अपने चाय के खोखे के बाहर टहलता दिख रहा है। रात करीब 08:30 बजे सुरेंद्र कोली दुकान के अंदर चला जाता है। इसके बाद सुबह तक कोई व्यक्ति दुकान में जाता नहीं दिखा और न कोई बाहर निकला है।

मोबाइल नंबर के कॉल रिकॉर्डस खंगालने पर भी ऐसा कोई सिरा पुलिस के हाथ नहीं आया है, जिससे माना जाए कि कोली ने आत्महत्या नहीं की है। शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज व अन्य जांच में अभी तक आत्महत्या के अलावा और कोई एंगल सामने नहीं आया है।

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चेहरे पर क्यों आया खून

कोली के चेहरे पर खून आने से स्वजनों और परिचितों ने अंदेशा जताया कि ये आत्महत्या नहीं, बल्कि मौत के पीछे कोई साजिश है। गले पर फंदे के दूसरे निशान पर भी सवाल उठाए। इस बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि दम घुटने के दौरान स्किन पर बहुत जोर पड़ने पर कई बार खून निकल आता है।

वहीं, गले पर दूसरे निशान के पीछे रस्सी के डबल होना माना जा रहा है। कोली के स्वजन और परिचित इन तथ्यों से कितना संतुष्ट हो पाते हैं, यह अलग बात है।