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हरिद्वार में श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा- 'भारत माता मंदिर राष्ट्र चेतना का तीर्थ'

Published: Wed, 04 Feb 2026 02:32 PM (IST)

हरिद्वार के भारत माता मंदिर परिसर में बुधवार से श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह शुरू हो गया। इस कार्यक्रम में पूर्व ...और पढ़ें

भारत माता मंदिर परिसर में श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह का आयोजन. Jagran

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जागरण संवादादाता, हरिद्वार। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि भारत माता मंदिर राष्ट्र चेतना का तीर्थ है। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज संन्यासी होने के साथ राष्ट्र चेतना के साधक थे। उनके जीवन का प्रत्येक क्षण मानवता, राष्ट्र सेवा और लोक कल्याण को समर्पित था। वह सप्तऋषि मैदान में बुधवार को भारत माता मंदिर के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की स्मृति में तीन दिवसीय गुरुदेव समाधि मंदिर-मूर्ति स्थापना महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे।

जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के सानिध्य में हो रहे कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने अपने आचरण से हमें सिखाया कि संन्यास कोई पलायन नहीं होता, बल्कि समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व की सर्वोच्च स्थिति होती है। उनका चिंतन वेदांत की गहराई से निकला था। वह राष्ट्र की अमूल्य विभूति थे। भारत माता मंदिर की स्थापना कर उन्होंने राष्ट्र की चेतना, एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने का कार्य किया। उन्होंने समाज के वंचित, उपेक्षित एवं शोषित वर्ग तक सेवा और सहायता पहुंचाने का प्रेरणादायी कार्य किया। गुरुदेव की मूर्ति स्थापना केवल श्रद्धा का प्रतीक ही नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा भी है।

स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित कार्यक्रम में आए सभी विशिष्ट अतिथियों और संत-महात्माओं का आभार व्यक्त किया और उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में सविता कोविंद, स्वाति कोविंद, अनिता कटारिया, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज, जगद्गुरु आश्रम कनखल के परमाध्यक्ष स्वामी राजराजेश्वरानंद महाराज, शहर विधायक मदन कौशिक, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, जूना अखाड़ा के महामंत्री महेश पुरी महाराज, श्रीमहंत देवानंद महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी नैसर्गिका गिरि, भारत माता मंदर-समन्वय सेवा ट्रस्ट के सचिव आइडी शास्त्री आदि उपस्थित रहे।

संतों के कारण बचा है भारत : कटारिया

जाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि भारत बचा है तो उसका कारण संत हैं। स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज वह आध्यात्मिक बातें करते थे, तो देश को जाग्रत करने की बात भी करते थे। अपने प्रवचनों में युवाओं को देशप्रेम के प्रति जागरूक करते थे। भारत माता का मंदिर बनाकर उन्होंने हमें अपने अतीत से जोड़ कर रखने का रास्ता दिखाया। शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने अनुकरणीय कार्य किए। भारत माता मंदिर देश में भेदभाव और जातिवाद को मिटाने का तीर्थ बनेगा। स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज के कार्य को अब स्वामी अवधेशानंद आगे बढ़ा रहे हैं।

अध्यात्म और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में किए महत्वपूर्ण कार्य : फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी ने आध्यात्म के साथ राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। भारत माता का मंदिर स्थापित करने के साथ सनातन के विचारों को एक साथ लाने का काम किया। वह समाज को जोड़कर एक साथ लाए। आपदा और विपदा में सेवा अद्भुत तरीके से ऊंचनीच के भावना को उन्हाेंने समाज से निकालकर एकजुटता का संदेश दिया। अन्न, अक्षर और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर समाज और राष्ट्र के उत्थान में सहयोग किया।

धर्म और आध्यात्म की ताकत देश को बनाएगी विश्व गुरु : शुक्ल

मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि सत्यमित्रानंद महाराज ने भारत माता मंदिर की स्थापना की। पूरे जीवन उन्होंने धर्म, आध्यात्म को भारत की शिक्षा से जोड़ने का अभियान चलाया। संस्कारविहीन शिक्षा कभी भी समाज और देश का कल्याण नहीं कर सकती, इस सिद्धांत को उन्होंने स्थापित किया। धर्म और आध्यात्म की ताकत ही देश को विश्व गुरु की दिशा में आगे ले जाएगी।

सप्तऋषि मैदान से आयोजन स्थल तक निकली शोभायात्रा

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता मंदिर से सप्तऋषि मैदान स्थित आयोजन स्थल तक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं और संत समाज बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भारत माता मंदिर पहुंचे। उन्होंने भारत माता के दर्शन और पूजन किया। इसके बाद स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी के समाधि स्थल राघव कुटीर में दर्शन-पूजन कर राष्ट्रहित और जनकल्याण की कामना की।

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