रुड़की(हरिद्वार), जेएनएन। चार गर्भवती की डिलीवरी महिलाओं के कोरोना संक्रमित होने के कारण सिविल अस्पताल की महिला ओपीडी और लेबर रूम को सील कर दिया गया है। इसके चलते टीके और अन्य जांच कराने के लिए बुधवार को अस्पताल पहुंची 50 से अधिक गर्भवती को बैरंग लौटना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन ने इन महिलाओं के लिए कोई अन्य व्यवस्था नहीं की थी। वहीं, प्रसव के लिए आई महिलाओं को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।

सिविल अस्पताल रुड़की में सोमवार को एक गर्भवती आई थीं। मंगलवार को डिलीवरी के बाद उनमें कोरोना की पुष्टि हुई थी। इससे पहले तीन अन्य गर्भवती में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। यह चारों महिलाएं सिविल अस्पताल में ही भर्ती हैं। इसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने शुक्रवार तक के लिए महिला ओपीडी और लेबर रूम को सील कर दिया है। 

बुधवार को चेकअप के लिए करीब 50 गर्भवती अस्पताल पहुंची, लेकिन महिला ओपीडी बंद होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। तीन प्रसव पीडि़ता भी अस्पताल आई थी, जिन्हें बाद में निजी अस्पताल का रुख करना पड़ा। हैरत की बात यह है कि महिला ओपीडी और लेबर रूम बंद होने के बाद सिविल अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की है।

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सिविल अस्पताल रुड़की के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कंसल ने बताया कि सिविल अस्पताल में चार गर्भवती में कोरोना की पुष्टि हुई है। चारों की डिलीवरी अस्पताल में हो चुकी है। इसे देखते हुए लेबर रूम और महिला ओपीडी को शुक्रवार तक के लिए बंद कर दिया गया है। संक्रमित महिलाओं के संपर्क में आईं दो महिला डॉक्टर और स्टाफ नर्स को होम क्वारंटाइन किया गया है। उनके सैंपल भी लिए गए हैं। अस्पताल में गर्भवती का इलाज संभव नहीं है। लेबर रूम और महिला ओपीडी को सैनिटाइज कराया जा रहा है। शनिवार से महिला ओपीडी और लेबर रूम पूर्व की तरह खुल जाएंगे।

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Posted By: Raksha Panthari

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