यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हरिद्वार: मातृसदन में एक बार फिर आंदोलन शुरू, ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद बैठे अनशन पर
मातृसदन में एक बार फिर से ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने अनशन शुरू कर दिया है। उनकी स्वामी निगमानंद की मौत की ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। स्वामी निगमानंद सरस्वती की मौत की सीबीआइ जांच समेत छह सूत्रीय मांगों को लेकर मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने बुधवार से अनशन शुरू कर दिया। एक सप्ताह पहले मातृसदन की ओर से छह सूत्री मांगों के संबंध में राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, नैनीताल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल और प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया था।
इसमें स्वामी निगमानंद सरस्वती की मौत की सीबीआइ जांच, स्वामी सानंद की मृत्यु की जांच के लिए हाई कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में एसआइटी का गठन करने की मांग की गई। पत्र में कहा गया कि साध्वी पद्मावती के साथ 2020 की घटनाओं की जांच के लिए तुरंत एक एसआइटी का गठन किया जाए। एक महिला अधिकारी को जांच दल का नेतृत्व दिया जाना चाहिए।
हरिद्वार जिला न्यायालय में मातृ सदन के सभी लंबित मामलों की सुनवाई के लिए एक पैनल का गठन किया जाए। सरकार की ओर से मातृ सदन को दिए गए सभी लिखित आश्वासनों को तुरंत जमीनी स्तर पर लागू किया जाए। हरिद्वार पुलिस, राजनेताओं, जिला प्रशासन के गठजोड़ की जांच के लिए तुरंत एक पैनल का गठन करने की मांग मातृसदन ने की थी।
डीजीपी से 24 घंटे में कार्रवाई की मांग
मातृसदन में पत्रकारों से बातचीत में स्वामी शिवानंद ने कहा कि भगवानदास आदर्श महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डा. निरंजन मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद हरिद्वार में अत्याचारी गठजोड़ सामने आया है। बताया कि डीजीपी को चिट्ठी भेजकर 24 घंटे के भीतर एसएसपी, इंस्पेक्टर और विवेचनाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही, जिला जज को भी पत्र भेजा गया है।
