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हरिद्वार में गंगा किनारे नशा माफिया की पनाहगाह, जहां होता है शराब से लेकर स्मैक तक का खुला कारोबार

Published: Wed, 21 Oct 2026 01:29 PM (IST)

हरिद्वार में गंगा किनारे की अवैध बस्तियां नशा माफिया का गढ़ बन गई हैं, जहां शराब से लेकर स्मैक तक ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, हरिद्वार। पुलिस का सत्यापन अभियान हो या ऑपरेशन प्रहार, गंगा किनारे की अवैध बस्तियों तक इसकी आंच तक नहीं पहुंच रही है। जबकि कई बस्तियां नशा माफिया की पनाहगाह बन गई हैं। जहां शराब, चरस, गांजा और स्मैक तक का धंधा खुलेआम होता नजर आता है।

पुलिस हर सप्ताह सत्यापन अभियान चलाने का दावा करती है। जबकि नशे के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं।लेकिन गंगा किनारे की अवैध बस्तियों में नशे के धंधे पर कार्रवाई के नाम पर पुलिस का खाता जीराे है। नशा माफिया ने ऐसी बस्तियों में अपने अड्डे बनाए हुए हैं।

उत्तरी हरिद्वार से लेकर मध्य हरिद्वार व ज्वालापुर तक गंगा व गंगनहर किनारे की बस्तियों में शराब से लेकर गांजा, चरस और स्मैक तक हर प्रकार का नशा चुटकी बजाते ही उपलब्ध है। पुलिस की निगरानी कमजोर होने का फायदा माफिया खूब उठा रहा है। शहर में नशे के गुप्त स्टॉल पर इन्हीं बस्तियों से सप्लाई होती है।

हैरानी की बात है कि पुलिस से लेकर आबकारी विभाग और प्रशासन कभी इन बस्तियों में बड़ी कार्रवाई नहीं करता। यही वजह है कि तीर्थ की गरिमा तार-तार होने के साथ ही शहर में नशे के धंधे को बढ़ावा भी मिल रहा है।

राजनीति सरंक्षण से फल-फूल रहा धंधा

अवैध बस्तियां बसाने और जरायम गतिविधियां फल-फूलने में राजनीतिक सरंक्षण की भी अहम भूमिका है। वोट बैंक के चलते इन बस्तियों को शहर के राजनेता अपना सरंक्षण देते आए हैं। कई नेताओं के कार्यकर्ता तक नशे के धंधे में उतरे हुए हैं। महिलाएं तक पीछे नहीं हैं।

बस्ती के जरायम पेशेवर नशे के धंधे को अपना रोजगार मानते हैं। लेकिन सवाल यह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर जोर-शोर से नशा मुक्त देवभूमि अभियान चल रहा है, तब नशा मुक्त धर्मनगरी के लिए इन संवेदनशील इलाकों में सत्यापन और निगरानी को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जा रही।

पुलिस बैकफुट पर क्याें है। जरूरत है कि पुलिस इन बस्तियों को भी अभियान के दायरे में लाकर नियमित जांच करे, जिससे नशे के धंधे पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

सत्यापन अभियान के साथ-साथ नशे के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही बस्तियों पर फोकस किया जाएगा। किसी भी प्रकार के नशे को पनपने नहीं दिया जाएगा। - दीपक सिंह, एसपी सिटी हरिद्वार

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