हरिद्वार में आंधी-बारिश और 500 ग्राम के ओलों ने मचाई तबाही, फसलें बर्बाद, वाहन क्षतिग्रस्त
हरिद्वार में शुक्रवार सुबह आंधी और भारी ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। करीब 500 ग्राम वजनी ओलों से फसलें, ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। धर्मनगरी और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे आंधी के साथ आई तेज बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कुछ स्थानों पर करीब 500 ग्राम वजन के ओले गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
बड़े ओलों से बचने के लिए लोगों में भगदड़ मच गई। आंधी में कुछ स्थानों पर पेड़ उखड़ गए। इससे भवनों क्षतिग्रस्त हुए और विद्युत आपूर्ति व सड़क मार्ग भी बाधित हुए। डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को राहत पहुंचाने व अवरूद्ध सड़क मार्गों को तत्काल सुचारू करने के निर्देश दिए।

शुक्रवार सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। आसमान में काले बादल छाने से अंधेरा हो गया। कुछ ही देर में आंधी के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि होने लगी। करीब 45 मिनट हुई बारिश के दौरान सिडकुल, रोशनाबाद, ज्वालापुर, बहादराबाद, पथरी, जमालपुर कलां क्षेत्र में बड़े ओले आसमान से गिरने लगे।
कुछ क्षेत्र में बड़े आकार के ओले गिरे। कुछ इलाकों में गिरे ओलेां का वजन करीब 500 ग्राम तक था। बड़े ओलों से बाहर खुले में खड़े वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कई लोग भी ओलों की चपेट में आने से चोटिल हो गए। लोगों ने भागकर सुरक्षित स्थानों में शरण ली।
-1791556992694.webp)
शिवालिकनगर और नवोदयनगर में कई विद्युत खंभे उखड़ गए और विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही और लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

डीएम मयूर दीक्षित ने सभी एसडीएम और कृषि विभाग के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए आंधी-बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि फसलों की क्षति का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर प्रभावितों को राहत पहुंचाने में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सौर ऊर्जा संयंत्र में 142 सोलर माड्यूल क्षतिग्रस्त
भीषण ओलावृष्टि से यूजेवीएन लिमिटेड के पथरी विद्युत गृह के पास स्थापित 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा नुकसान हुआ है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार संयंत्र में स्थापित लगभग 2000 सोलर फोटोवोल्टिक माड्यूल में से करीब 142 माड्यूल क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।संयंत्र के अन्य उपकरणों व परिसंपत्तियों को हुए संभावित नुकसान की जानकारी भी जुटाई जा रही है। निगम की टीम क्षतिग्रस्त सोलर माड्यूल व संयंत्र के अन्य हिस्सों की स्थिति का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कर रही है। विस्तृत जांच के बाद क्षति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
औद्योगिक क्षेत्र में भी गिरे बड़े आकार के ओले
औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार को कुछ देर की बारिश के साथ हुई भीषण ओलावृष्टि ने लोगों को सकते में डाल दिया। आसमान से गिरे बड़े-बड़े ओलों ने कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि ओलों का वजन 200 से 400 ग्राम तक था। ओलावृष्टि से कई वाहनों के शीशे टूट गए। अचानक बदले मौसम और भारी ओलावृष्टि से क्षेत्र में व्यापक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बारिश के साथ अचानक बड़े आकार के ओले गिरने लगे।
कुछ ही देर में सड़कों और खुले स्थानों पर ओलों की परत दिखाई देने लगी। आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी मौसम के इस बदले मिजाज का असर देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। अचानक हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
पथरी क्षेत्र में धान और गन्ने की फसल बर्बाद
पथरी क्षेत्र में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी गन्ने की फसल जमीन पर बिछ गई। धान की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ओलों की मार और बारिश के कारण धान का दाना खराब होने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पहले से ही जलभराव के कारण फसलों को नुकसान झेल रहे किसानों के सामने अब दोहरी मार पड़ गई है। बर्बाद फसलों को देखकर कई किसान मायूस हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
मिस्सरपुर, पंजनहेड़ी, अजीतपुर, जियापोता, कटारपुर, बहादुरपुर जट, शेरपुर, नई कुंडी, भट्टीपुर, चमरावल, धारीवाला, हरसीवाला, टिकोला, बादशाहपुर, नसीरपुर कलां, शाहपुर शीतलाखेड़ा, रानीमाजरा, पुरानी कुंडी, बिशनपुर, चांदपुर, फेरूपुर, धनपुरा, घिस्सूपुरा, पदार्था, गुज्जर बस्ती, पथरी, टिहरी बांध विस्थापित आदर्श टिहरी नगर, दिनारपुर, सुभाषगढ़ और चिट्ठी कोटी सहित पथरी रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा है।
काला पड़ने पर औने-पौने दाम में बिकता है धान
आंधी में धान की फसल गिर गई। कई किसानों की फसल खेत में कटी पड़ी थी। ऐसे में फसल का दाना काला पड़ने की आशंका है। ऐसे धान को व्यापारी गुणवत्ता खराब होने का हवाला देकर औने-पौने दाम पर खरीदते हैं। इससे किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है।
किसानों का कहना है कि पहले जलभराव और अब मौसम की मार ने उनकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। किसान कालू हसन, हाजी ताहिर हसन, बिशन सिंह, शराफत अली, मुस्तकीम, मंगता हसन, श्याम लाल, प्रेमदास, नूतन प्रधान, चेयरमैन कुंवर पाल, अतेंद्र गिल, ललित चौधरी, अमित चौधरी और लाखन सिंह सहित अन्य किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है।
रामकुमार चौधरी, दिलशाद, शमशाद, गालिब हसन, राजकुमार, शिवकुमार, प्रेमचंद, भोला, प्रमोद चौहान, नीटू चौहान, शीशपाल, सलीम अहमद, श्याम सुंदर, रोहन सैनी और प्रीतम सैनी सहित अन्य किसानों ने भी फसल बर्बाद होने की जानकारी दी।
कृषि विशेषज्ञ राजाराम ने बताया बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हुई है। इससे किसानों की फसल को नुकसान होगा। जो फसल जमीन पर गिर गई है, वह काली पड़ सकती है और उत्पादन में भी गिरावट आ सकती है।
बहादराबाद में विद्युत लाइन पर पेड़ गिरने से कई गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित
आंधी के साथ तेज बारिश से चलते जनजीवन प्रभावित हो गया। कुछ जगह पेड़ बिजली के तारो पर गिर गए। क्षेत्र के अलीपुर खेड़ली, सलेमपुर, दिनारपुर, बहादराबाद, रोहालकी आदि गांवों की बिजली आपूति सुबह दस बजे से दो बजे तक बाधित रही।
साथ ही कुछ जगह ओलावृष्टि से किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी धान की फसल गिरने और बारिश के कारण फसल की गुणवत्ता प्रभावित होगी। जिन किसानों की फसल पककर तैयार होने वाली है, उनकी चिंता और बढ़ गई है।
किसान विरेंद्र, सतवीर, गुरमीत सिंह, दीपक सैनी आदि ने संबंधित अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि उन्हें लागत के अनुरूप उचित मुआवजा दिया जाए।
एसडीओ अक्षय कपिल ने बताया कि तेज हवा के चलते पेड़ बिजली के तार टूटने पर कई गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिसे ठीक कराकर बिजली की सप्लाई चालू की गई।
स्कूल की टीन शेड पर ओले गिरने से बच्चों में चीख-पुकार
प्राथिमक विद्यालय ब्रह्मपुरी की टीन शेड पर करीब आधा-आधा किलो वजनी ओले गिरे तो बच्चों में चीख-पुकार बच गई। वह घबराकर इधर-उधर भागने लगे। शिक्षकों में भी दहशत फैल गई। स्कूल में कमरों के साथ ही टिन शेड में भी कक्षा चलती है।
सुबह जिस समय बारिश शुरु हुई, शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे। अचानक बड़े आकार के ओले टिन शेड पर गिरे तो बच्चे और शिक्षक घबरा गए। कुछ बच्चों ने डर की वजह से भागने का प्रयास किया तो शिक्षकों ने उन्हें किसी तरह संभाला।
उन्हें सुरक्षित कमरों में भेजा। इस दौरान कुछ बच्चे टिन शेड के नीचे ही रह गए। टिन शेड पर ओले गिरने की आवाज से वह डर रहे थे। ओलावृष्टि थमने पर शिक्षकों ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बच्चा चोटिल नहीं हुआ। इसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ है।
