हाथी के हमले में सोमपाल की मौत, चश्मदीद ने सुनाई खौफनाक दास्तान
श्यामपुर में हाथी के हमले में सोमपाल की मौत हो गई, जिसके चश्मदीद श्याम ने पूरी घटना का भयावह विवरण ...और पढ़ें
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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राधा वल्लभ शर्मा, जागरण, श्यामपुर (हरिद्वार)। हाथी के हमले में मारे गए सोमपाल के साथ खेत में काम कर रहे श्याम ने पूरी घटना की जानकारी दी। श्याम ने कहा कि मौत बनकर हमारी ओर आ रहा हाथी शोर सुनकर सोमपाल की तरफ मुड़ गया।
हाथी पहले उन पर हमला करने की फिराक में था, लेकिन तभी सोमपाल ने उसे भगाने के लिए शोर मचा दिया। इस पर हाथी ने आक्रामक रूप दिखाते हुए सोमपाल पर हमला कर दिया। श्याम ने बताया कि वह खेत में काम कर रहे थे। तभी वहां पहुंचा हाथी उनकी ओर हमला करने को बढ़ा ।
वह खेत के बगल में ही बनी झोपडी के पीछे छिप गए। शाम ढलने वाली थी। तभी उनके रिश्तेदार सोमपाल ने हाथी को भगाने के लिए शोर मचा दिया। इसके बाद हाथी सोमपाल की ओर दौड़ पड़ा। इससे पहले सोमपाल कुछ समझ पाते, हाथी ने सूंड से हमला कर दिया।
वह घबराकर झोपड़ी के पीछे छिपे रहे। सोमपाल को बचाने के लिए कुछ न कर सके। यदि शोर मचाते तो हाथी उनकी तरफ भी हमला करने आता। सोमपाल पर हमला करने के बाद एक बार हाथी फिर मेरी तरफ भी आया, लेकिन झोपड़ी के पीछे मुझे देख नहीं पाया और चला गया।
इसके बाद हाथी एक बार फिर सोमपाल के पास गया और उन्हें बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। कुछ ही दूर उनका 14 वर्षीय बेटा राजा शोर मचाने लगा। हाथी उसकी ओर भागता, उससे पहले ही उन्होंने अपने बेटे को भागने का इशारा किया।
काफी देर तक हाथी उन्हें झोपड़ी के अंदर तलाश करता रहा, लेकिन गनीमत रही कि वह अंदर नहीं घुसा, नहीं तो उनकी जान भी जा सकती थी। कहा कि वह सुबह से ही खेत में काम कर रहे थे, अब शाम को घर जाकर रोटी खाने का समय था, लेकिन तभी ये दर्दनाक घटना हो गई।
इस घटना के बाद घबराए श्याम ने कहा कि अब खेत में नहीं जाएंगे, भले ही मजदूरी कर राशन खरीद कर लाना पड़े। जिंदा रहे तो किसी भी तरह जीवन यापन कर लेंगे। हाथी इतना आक्रामक हो गया था कि उस समय दो-तीन व्यक्ति और होते तो वह उन्हें भी मार देता।
