विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हरिद्वार अर्धकुंभ में जर्मन हैंगर तकनीक से बनेगा भव्य गंगा मंडप, 3000 वर्ग मीटर का एरिया... एक साथ शामिल होगे 3000 लोग

Published: Sun, 08 Nov 2026 07:00 AM (IST)

हरिद्वार अर्धकुंभ के लिए 3000 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक भव्य गंगा मंडप तैयार किया जा रहा है, जिसमें 3000 श्रद्धालु धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

गौरव त्यागी, हरिद्वार । अर्धकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक बड़ा अस्थायी परिसर उपलब्ध कराया जाएगा।

मेला प्राधिकरण ने इसके लिए गंगा मंडप तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 3000 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाले इस मंडप में एक साथ 3000 लोगों के बैठने और खड़े होने की व्यवस्था होगी।

यहां संतों के प्रवचन, धार्मिक आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मंडप को जनवरी से अप्रैल तक चलने वाले अर्धकुंभ मेले के लिए तैयार किया जाएगा।

एक एजेंसी का चयन कर मंडप की डिजाइनिंग, निर्माण, साज-सज्जा, बिजली, फर्नीचर, साउंड सिस्टम और पूरे मेले के दौरान रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए जमीन मेला प्राधिकरण की ओर से चिह्नित कर उपलब्ध कराई जाएगी।

जर्मन हैंगर तकनीक से बनेगा मंडप

गंगा मंडप को जर्मन एल्युमिनियम हैंगर या इसी तरह की आधुनिक तकनीक से तैयार किया जाएगा। इसका न्यूनतम क्षेत्रफल 3000 वर्ग मीटर होगा। ढांचे की बीच की ऊंचाई कम से कम 55 फीट और किनारों की ऊंचाई 15 फीट होगी।

इसकी छत पर तीन परतों वाला अग्निरोधक और पानी से बचाव करने वाला विशेष कपड़ा लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य बारिश, तेज हवा और अन्य मौसमी परिस्थितियों में भी आयोजन को प्रभावित होने से बचाना है। मंडप के अंदर करीब 3000 वर्ग मीटर का मजबूत प्लेटफार्म बनाया जाएगा। इस पर सजावटी कालीन बिछेगा और अर्धकुंभ की थीम के अनुसार अंदरूनी साज-सज्जा की जाएगी।

मुख्य मंच 25 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा होगा। इसके अलावा 12 मीटर लंबा और आठ मीटर चौड़ा एक साइड मंच भी तैयार किया जाएगा। मंच पर धार्मिक प्रवचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अन्य बड़े आयोजनों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं रहेंगी।

3000 कुर्सियां, 300 सोफा सेट और चार प्रवेश द्वार

मंडप में 3000 प्लास्टिक कुर्सियां, 300 दो सीटर वीआइपी सोफा सेट और 50 लकड़ी की मेजें शामिल हैं। मंच के आसपास विशेष कुर्सियां, साइड टेबल और फूलों की सजावट भी की जाएगी। मंडप में चार प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से चार अलग केबिन होंगे।

यहां छह सूचना केंद्र भी बनाए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं को कार्यक्रमों और परिसर से संबंधित जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा एक मीडिया ट्रिब्यून तैयार किया जाएगा, जहां से पत्रकार कार्यक्रमों की कवरेज कर सकेंगे। वीआइपी और कलाकारों के लिए दो सुसज्जित लाउंज व आठ ग्रीन रूम बनाए जाएंगे।

एलईडी स्क्रीन से देख सकेंगे कार्यक्रम

मंडप में आधुनिक साउंड और लाइट सिस्टम लगाया जाएगा। 32 फीट लंबी और 10 फीट चौड़ी एक बड़ी एलईडी स्क्रीन व 12 फीट लंबी और आठ फीट चौड़ी चार अन्य स्क्रीन लगाई जाएंगी। इससे दूर बैठने वाले दर्शक भी मंच पर चल रहे कार्यक्रमों को आसानी से देख सकेंगे।

ध्वनि व्यवस्था के लिए स्पीकर, माइक्रोफोन, मिक्सर, एम्पलीफायर और रिकार्डिंग सिस्टम उपलब्ध कराया जाएगा। मंच और परिसर में रोशनी के लिए फ्लड लाइट और एलईडी लाइट लगाने का प्रविधान है। इसके अलावा 150 सीलिंग फैन लगाए जाएंगे। गर्मी के मौसम को देखते हुए एसी, कूलर और मिस्ट फैन की व्यवस्था भी होगी।

सुरक्षा, सफाई और शौचालय की भी रहेगी व्यवस्था

मंडप के अंदर और बाहर स्टील की बैरिकेडिंग की जाएगी। प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच की व्यवस्था होगी। परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

आग से बचाव के लिए अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रहेंगे। वीआइपी लाउंज और ग्रीन रूम से जुड़े चार शौचालय व 25 स्टील के शौचालय बनाने का प्रविधान है। इसके साथ 10 फूड स्टाल भी तैयार किए जाएंगे। इनमें मेज, कुर्सियां और सामान रखने की व्यवस्था होगी।

बिजली आपूर्ति बाधित होने पर कार्यक्रम प्रभावित न हों, इसके लिए 250 केवीए और 125 केवीए के दो जनरेटर सेट रखे जाएंगे। परिसर में बिजली के वैकल्पिक इंतजाम भी करने होंगे।

मंडप के संचालन के लिए परियोजना प्रबंधक, निर्माण पर्यवेक्षक, साउंड तकनीशियन, सुरक्षा गार्ड, इलेक्ट्रीशियन और सफाई कर्मचारियों की तैनाती होगी। 35 सुरक्षा गार्ड और 25 सफाई कर्मचारियों का प्रविधान किया गया है। कर्मचारियों को तीन पालियों में काम करना होगा।

यह भी पढ़ें- अर्धकुंभ 2027 से पहले हरिद्वार का होगा कायाकल्प, 3.77 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे अंडरपास और फ्लाईओवर

यह भी पढ़ें- 150 पेज... 1000 कॉफी टेबल बुक, ड्रोन और सैकड़ों कैमरे हरिद्वार अर्धकुंभ की भव्यता करेंगे अमर

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।