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हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर सूखी गंगा, आचमन के लिए भी जल नहीं... निकल रहा 'खजाना'

Published: Wed, 21 Oct 2026 02:01 PM (IST)Updated: Wed, 21 Oct 2026 02:09 PM (IST)

दशहरा की रात से उत्तरी खंड गंगनहर बंद होने के कारण हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर गंगा सूख गई है, जिससे श्रद्धालुओं को निराशा हुई।

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जागरण संवाददाता, हरिद्वार। दशहरा की रात से बंद की गई उत्तरी खंड गंगनहर के कारण हरकी पैड़ी पर गंगा का प्रवाह सूख गया। आचमन के लिए पर्याप्त जल नहीं है। बुधवार सुबह स्नान व दर्शन को पहुंचे श्रद्धालुओं को निराश होकर लौटना पड़ा। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शाम को गंगा आरती के समय आंशिक रूप से जलधारा छोड़ी जाएगी।

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गंगनहर की सालाना मरम्मत व सफाई के चलते हर साल दशहरा से लेकर दीपावली के मध्य जल प्रवाह रोका जाता है। इस दौरान घाटों की मरम्मत, सीवेज व्यवस्था और अन्य कार्य किए जाते हैं। इस बार भी उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने कई कार्य प्रस्तावित किए हैं। इसके अलावा अर्धकुंभ के कार्य भी होने हैं।

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इस बार गंगनहर 20 अक्टूबर की रात को बंद हुई है और 7 नम्वबर की रात को फिर बह निकलेगी। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि गंगनहर की वार्षिक बंदी के चलते फिलहाल प्रवाह रोका गया है। हरकी पैड़ी पर जल छोड़ा जाएगा। खासकर आरती के समय विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है।

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सिक्कों की खोज

हरिद्वार गंगा सूखने से जहां श्रद्धालुओं को आस्था पूर्ण स्नान का अवसर नहीं मिल पाया, वहीं मजदूरनुमा परिवारों के लिए यह कमाई का मौका बन गया। कई लोग छलनी व जाल लेकर गंगा की रेत में सिक्के और जेवर खोजते नजर आए। गंगा में अर्पित चढ़ावे को ये परिवार मेहनत कर ढूंढते हैं और यही उनकी रोजी-रोटी का सहारा बनता है।

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