मंगलौर, जेएनएन। कोतवाली क्षेत्र के लिब्बरहेड़ी गांव में दीपावली की रात को दो समुदाय के बीच मामूली कहासुनी के बाद संघर्ष हो गया। इसके बाद जमकर पथराव हुआ, जिससे गांव में भगदड़ मच गई और चार लोग घायल हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को तितर-बितर किया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। 

मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के लिब्बरहेड़ी गांव निवासी अरविंद का छोटा भाई अनुज दीपावली की रात को रुड़की स्थित अपने ताऊ के यहां से दूध देने के बाद घर आ रहा था। जब वह गांव के ही एक युवक इशू के साथ मोटरसाइकिल से गांव वापस आ रहा था, तब गांव में शमीम की दुकान पर मेहरूद्दीन, सोहेल, शाहनवाज, भूरा समेत करीब 50-60 लोग खड़े हुए थे। इन लोगों ने उसकी पिटाई कर दी और जान से मारने की कोशिश की। तब तक अनुज ने अपने घर पर सूचना दे दी। इसके बाद उसके घर से भी बड़ी संख्या में लोग मौके की और दौड़ पड़े और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। 

उन्होंने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव होते ही भगदड़ मच गई। किसी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस पहुंची तो पुलिस की मौजूदगी में भी जमकर पथराव हुआ। एक पक्ष की ओर से चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और भीड़ को लाठियां फटकारकर दूर तक दौड़ाया।

यह भी पढ़ें: ट्रक चालक ने साथी के साथ मिलकर युवक को गोदा, अस्पताल में भर्ती

इसके बाद पुलिस ने अनुज की तहरीर पर मेहरदीन, शहनवाज, भूरा और सलीम को पकड़ लिया। जबकि शेष आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप चौहान ने बताया कि गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस एवं पीएसी की तैनाती कर दी गई है। दूसरे पक्ष से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।

यह भी पढ़ें: कहासुनी के बाद पड़ोसी ने चाय विक्रेता को उतार दिया मौत के घाट

 

Edited By: Raksha Panthari