हरिद्वार, जेएनएन। हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में लॉकडाउन के बीच एक शादी बेहद सादगीपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। दूल्हे सहित पांच बारात एक गांव से दूसरे गांव पहुंचे। शादी की सभी रस्में पूरी करने के बाद दूल्हा बाइक पर दुल्हन को विदा कर अपने घर ले गया। कोरोना की दहशत के बीच संपन्न हुई इस शादी ने लोगों को मुस्कराने का एक बहाना दे दिया।

हरिद्वार के फेरुपुर गांव निवासी सुंदर लाल के बेटे जितेंद्र कुमार की शादी रानीमाजरा निवासी श्रवण कुमार सैनी की बेटी प्रीति से तय हुई थी। लॉकडाउन लागू होते ही दोनों परिवारों ने सादगी से शादी करने का फैसला लिया। सोमवार को जितेंद्र सहित पांच बाराती सुबह 11 बजे फेरुपुर से रानीमाजरा गांव पहुंचे। यहां वर माला, फेरे, कन्यादान जैसी सभी रस्में पूरी करने के बाद करीब तीन बजे दूल्हा जितेंद्र बाइक पर अपनी दुल्हन प्रीति को लेकर फेरुपुर विदा हो गया।

शादी की सूचना पुलिस प्रशासन को दी गई थी। अधिकारियों की हिदायत के बाद शादी में नियमों का खासतौर पर ध्यान रखा गया। इसलिए शादी में परिवार के चंद लोग ही शामिल हुए। बाहर से कोई रिश्तेदार शादी में नहीं पहुंचा। आस-पास रहने वाले रिश्तेदारों ने भी दूर से ही दुल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया।

विधि-विधान से करवाया बेटे का ऑनलाइन नामकरण

लॉकडाउन का पालन करते हुए यमुना कॉलोनी निवासी पूजन नेगी ने 11 दिन ऑनलाइन पूजा के जरिये अपने पुत्र का नामकरण संस्कार करवाया। पौड़ी से कुल पुरोहित को वाट्सएप से जोड़ा गया और वीडियो कॉल कर विधि-विधान से पूजा करवाई। मूल रूप से ग्राम कठुली, खिसरू पौड़ी निवासी पूजन नेगी का परिवार यमुना कॉलोनी में रहता है। पूजन सीएमओ ऑफिस में होम क्वारंटाइन के इंचार्ज हैं। बीते दो अप्रैल को उनकी पत्नी पिंकी नेगी ने एक निजी अस्पताल में पुत्र को जन्म दिया। इसके बाद परिवार नामकरण की तैयारी करने लगा। पंडितों के कहे अनुसार 11वें दिन नामकरण के लिए फाइनल कर दिया। लॉकडाउन में शारीरिक दूरी का पालन करते हुए पूजन व परिवार के सदस्यों ने स्थानीय पंडित को न बुलाकर कुल पुरोहित से फोन पर बात की और ऑनलाइन पूजा करवाने को कहा। सोमवार सुबह 10 बजे से नामकरण संस्कार की ऑनलाइन पूजा हुई।

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पुलिस ने की मदद तो बुजुर्ग ने दान किए 42 हजार

वसंत विहार थाने के एसओ नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के निर्देश दिए गए हैं।सोमवार को पुलिस की होम डिलीवरी सेल को हेल्पलाइन नंबर 112 के माध्यम से सूचना मिली कि जीएमएस रोड में रहने वाले 80 वर्षीय आरएस रावत को रुपये निकालने के लिए बैंक जाना है। आवश्यक खाद्य सामग्री भी खरीदनी है। पुलिस आरएस रावत के घर पहुंची और उन्हें सरकारी वाहन से पतंजलि स्टोर ले जाकर खरीदारी कराई। इससे प्रभावित आरएस रावत ने बैंक में ही 21-21 हजार रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करते हुए दून पुलिस का आभार व्यक्त किया।

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